उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के पांचवें और छठे केंद्रीय वेतन आयोग के तहत पेंशन पाने वाले सिविल एवं पारिवारिक पेंशनरों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री ने 1 जनवरी 2026 से महंगाई राहत (डीआर) की दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे हजारों पेंशनरों को बढ़ी हुई महंगाई राहत का लाभ मिलेगा।
महंगाई राहत की नई दरें
सरकार के फैसले के अनुसार, पांचवें वेतनमान के पेंशनरों के लिए महंगाई राहत 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 484 प्रतिशत कर दी गई है। वहीं, छठे वेतनमान के पेंशनरों के लिए महंगाई राहत 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत प्रतिमाह कर दी गई है। नई दरें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होंगी।
38 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को मंजूरी
मुख्यमंत्री धामी ने राज्य में सिंचाई, पेयजल, पर्यटन और आधारभूत विकास से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं के लिए करीब 38 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति भी प्रदान की है। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी और विकास कार्यों को गति मिलेगी।
सिंचाई और पेयजल परियोजनाओं पर फोकस
नाबार्ड वित्तपोषित योजना के तहत चमोली और अल्मोड़ा जिलों में सिंचाई विभाग की पांच योजनाओं के लिए 12.83 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा सिंचाई विभाग की सात अन्य योजनाओं के लिए 15.06 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। वहीं, चंपावत जिले में 50 हैंडपंप और 31 सोलर पैनलों की स्थापना के लिए 3.98 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
पर्यटन और एनसीसी अकादमी को भी बढ़ावा
पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के तहत नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर स्थित पर्यटक आवास गृह के उच्चीकरण के लिए 4.96 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा पौड़ी गढ़वाल में प्रस्तावित एनसीसी अकादमी की स्थापना के लिए संशोधित 50 करोड़ रुपये की परियोजना लागत के तहत पहली किस्त के रूप में 1 करोड़ रुपये जारी करने की स्वीकृति दी गई है।
विकास कार्यों में गुणवत्ता पर जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, पर्यटन को बढ़ावा देने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
पेंशनरों और विकास दोनों पर सरकार का फोकस
राज्य सरकार का मानना है कि महंगाई राहत में बढ़ोतरी से पेंशनरों को आर्थिक राहत मिलेगी, जबकि नई विकास परियोजनाओं से पेयजल, सिंचाई, पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में राज्य को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।


