मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी की अध्यक्षता में शुक्रवार को विकास भवन में उद्योग विभाग के तहत सिंगल विंडो सिस्टम की जिला प्राधिकृत समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में नए उद्योगों की स्थापना से जुड़े छह प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इनमें से पांच औद्योगिक इकाइयों को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी गई, जबकि एक होटल परियोजना को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मंजूरी देने का निर्णय लिया गया।
माह के अंत तक सभी लंबित NOC निस्तारित करने के निर्देश
मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि औद्योगिक इकाइयों के लिए जारी किए जाने वाले सभी लंबित अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) का निस्तारण इसी माह के अंत तक हर हाल में किया जाए। उन्होंने कहा कि निवेशकों और उद्यमियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है, इसलिए सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें।
एडिबल नट प्रोसेसिंग से लेकर सोलर प्लांट तक को मिली स्वीकृति
समिति ने जिन पांच औद्योगिक इकाइयों को मंजूरी दी है, उनमें एक एडिबल नट प्रोसेसिंग यूनिट, दो सोलर पावर प्लांट, एक आयुर्वेदिक हर्बल सप्लीमेंट यूनिट और एक कोरोगेटेड बॉक्स निर्माण इकाई शामिल हैं। इन परियोजनाओं के शुरू होने से जिले में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
बैठक में महाप्रबंधक उद्योग सोमनाथ गर्ग, लीड बैंक प्रबंधक, मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजेंद्र सिंह खाती, उप प्रभागीय वनाधिकारी आयशा बिष्ट, जिला पर्यटन विकास अधिकारी कमल किशोर जोशी सहित समिति के अन्य सदस्य और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


