ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान गुरुवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक श्रद्धालुओं को चोट और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में 60 वर्षीय एक व्यक्ति और 35 वर्षीय युवक शामिल हैं। 60 वर्षीय श्रद्धालु भीड़ के दौरान अचानक गिर पड़े, जबकि 35 वर्षीय युवक की कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई।
लगातार बारिश के बावजूद उमड़े लाखों श्रद्धालु
रथ यात्रा के पहले दिन खराब मौसम और लगातार बारिश के बावजूद करीब 8 से 9 लाख श्रद्धालु पुरी पहुंचे। नौ दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में देश-विदेश से करीब 30 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा अपने रथों पर सवार होकर गुंडिचा मंदिर के लिए प्रस्थान करते हैं। उनकी वापसी यात्रा (बहुदा यात्रा) 24 जुलाई को निकाली जाएगी।
प्रशासन ने तैनात किए 12 हजार पुलिसकर्मी
रथ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए राज्य सरकार ने करीब 12 हजार पुलिसकर्मियों, 19 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों और 100 से अधिक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की थी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि पूरे आयोजन के दौरान भगदड़ जैसी कोई घटना नहीं हुई और भीड़ प्रबंधन में किसी तरह की चूक नहीं हुई। प्रशासन के मुताबिक, बारिश और अत्यधिक भीड़ के कारण कुछ श्रद्धालुओं को थकान, डिहाइड्रेशन और घुटन की शिकायत हुई, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) के मुख्य प्रशासक अरविंद पाधी ने बताया कि गुरुवार को रथ खींचने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी, जिसे शुक्रवार सुबह 9:30 बजे से फिर शुरू किया जाएगा।


