प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अपील पर अपना भूख हड़ताल समाप्त कर दी. वांगचुक फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं और उन्होंने संदेश भेजकर दिपके से आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए अनशन खत्म करने का आग्रह किया था.
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान शिक्षाविद और सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने मंच से बताया कि वांगचुक चाहते हैं कि अभिजीत दिपके अपनी ऊर्जा बचाकर आंदोलन का नेतृत्व जारी रखें. इसके बाद दिपके ने जूस पीकर अपना अनशन समाप्त किया. इसके तुरंत बाद वह गीतांजलि आंगमो और नीट अभ्यर्थी दिवंगत रिया कुमारी के पिता के साथ संसद मार्च में शामिल हो गए.
हजारों प्रदर्शनकारियों के साथ संसद की ओर बढ़ते हुए अभिजीत दिपके ने एक वाहन से संबोधित करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई. इस दौरान बड़ी संख्या में देशभर से आए युवा भी मार्च में शामिल रहे.
इधर, CJP के प्रमुख नेताओं में शामिल सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि सरकार की ओर से बातचीत के लिए संपर्क किया गया है. उन्होंने बताया कि वह और आशुतोष रांका सरकार की ओर से प्रस्तावित बैठक के लिए जे.पी. नड्डा से मिलने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि युवाओं की मांगें स्पष्ट हैं और बड़ी संख्या में छात्र आंदोलन में शामिल हो चुके हैं. बातचीत शुरू होने तक संसद मार्च को कुछ समय के लिए रोका गया.
अभिजीत दिपके ने शनिवार को भूख हड़ताल शुरू की थी, जब दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक की बिगड़ती तबीयत और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था. वांगचुक प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेष रूप से नीट-यूजी, में कथित पेपर लीक के विरोध में पिछले 21 दिनों से अनशन पर हैं.
सोमवार को संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही हजारों प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च के लिए निकले. सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली मेट्रो के कम से कम पांच स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया.
प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने संसद क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. इलाके में करीब 32 अर्धसैनिक बलों की कंपनियां, लगभग 2,000 सुरक्षा कर्मी, दंगा नियंत्रण उपकरण और आंसू गैस के गोले के साथ तैनात किए गए हैं. इसके अलावा भीड़ बढ़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने अतिरिक्त 1,400 पुलिसकर्मियों की मांग की है.
मार्च शुरू होने से पहले CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान केवल तय किए गए नारे ही लगाए जाएं और किसी भी उकसावे में न आएं. उनका कहना था कि पिछले 30 दिनों से आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा है और संसद मार्च भी उसी अनुशासन के साथ आगे बढ़ाया जाएगा.


