लगातार खराब मौसम, भूस्खलन और सुरक्षा कारणों से छह दिन तक स्थगित रहने के बाद शनिवार को श्री अमरनाथ यात्रा दोबारा शुरू हो गई। मौसम में सुधार और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग खुलने के बाद जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से 6,269 श्रद्धालुओं का नया जत्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना किया गया। यात्रा के फिर शुरू होने से श्रद्धालुओं में उत्साह लौट आया है।
19 जुलाई को रोकी गई थी यात्रा
प्रशासन ने 19 जुलाई को लगातार बारिश, भूस्खलन और यात्रा मार्गों पर बिगड़ते हालात को देखते हुए अमरनाथ यात्रा एहतियातन रोक दी थी। विशेष रूप से अनंतनाग के 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग और गांदरबल के 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग पर मौसम और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
18वां जत्था 223 वाहनों में रवाना
अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार तड़के करीब 2:40 बजे भगवती नगर आधार शिविर से 18वां जत्था रवाना हुआ। इसमें 1,470 महिलाएं, 25 बच्चे और 54 साधु शामिल हैं। श्रद्धालुओं को 223 वाहनों के काफिले में कड़ी सुरक्षा के बीच बालटाल आधार शिविर भेजा गया। इस बार पहलगाम मार्ग के लिए कोई काफिला रवाना नहीं किया गया।
हाईवे खुलने से मिली राहत
यात्रा बहाल होने की सबसे बड़ी वजह जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग का दोबारा खुलना रहा। उधमपुर-रामबन खंड में भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने के कारण यह मार्ग तीन दिन तक बंद रहा था। सड़क यातायात सामान्य होने के बाद प्रशासन ने यात्रा फिर शुरू करने का फैसला लिया।
श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
यात्रा शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। पहली बार यात्रा पर पहुंचे एक श्रद्धालु ने कहा कि मौसम की चुनौतियों के बावजूद उनकी इच्छा सिर्फ बाबा बर्फानी के दर्शन करने की है और वे हर हाल में दर्शन करेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी
यात्रा बहाल होने से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग और यात्रा मार्गों पर सुरक्षा बढ़ा दी। अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ वाहनों की जांच, गश्त और निगरानी को भी और सख्त किया गया है।
28 अगस्त को होगा समापन
प्रशासन के अनुसार, वार्षिक श्री अमरनाथ यात्रा का समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन होगा। अब तक करीब चार लाख श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। मौसम पर लगातार नजर रखी जा रही है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।


