NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच शनिवार को केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच तीसरे दौर की बातचीत होने जा रही है। सरकार पहले ही CJP की तीन प्रमुख मांगों में से दो पर सहमति जता चुकी है, जबकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अंतिम फैसला आज सामने आ सकता है।
इस्तीफे की मांग पर आज हो सकता है फैसला
शुक्रवार को करीब दो घंटे चली बैठक में गतिरोध खत्म नहीं हो सका। बैठक के बाद CJP नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास ने बताया कि सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर जवाब देने के लिए शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है।
वहीं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पुष्टि की कि दोनों पक्षों के बीच एक और बैठक होगी, जिसके बाद सरकार अपना रुख स्पष्ट करेगी।
सरकार ने दो मांगें मानीं
दूसरे दौर की वार्ता में केंद्र सरकार ने CJP की दो मांगों पर सहमति जताई है।
- 20 जुलाई के ‘चलो संसद’ मार्च में शामिल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी।
- परीक्षा विवाद के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजा देने के प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया गया।
हालांकि CJP ने स्पष्ट कर दिया है कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा गैर-समझौतावादी मांग है। संगठन ने प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सार्वजनिक माफी की भी मांग की है।
सरकार ने इस्तीफे की संभावना से किया इनकार
सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्र फिलहाल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार नहीं कर रहा है। सरकार का कहना है कि इस्तीफा समाधान नहीं है, बल्कि प्राथमिकता नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में व्यापक सुधार और परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाना है।
NTA में बड़ी कार्रवाई
पेपर लीक विवाद के बाद NTA ने 24 जुलाई को 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर दीं। साथ ही परीक्षा से जुड़े आउटसोर्सिंग सिस्टम की व्यापक समीक्षा और सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कैबिनेट ने सख्त कानून को दी मंजूरी
केंद्र सरकार ने पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई के लिए संशोधित विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित कानून में संगठित पेपर लीक गिरोहों के लिए कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल की जेल तथा ₹10 करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही ऐसे मामलों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने का प्रस्ताव भी शामिल है।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
तीसरे दौर की बातचीत से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। DMRC ने एहतियात के तौर पर 18 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं। वहीं दिल्ली पुलिस ने सभी कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर पूरी फोर्स को ड्यूटी पर तैनात किया है।
सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन
26 दिन तक भूख हड़ताल पर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद शुक्रवार को अपना अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने परीक्षा सुधारों पर चर्चा, जवाबदेही तय करने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया है।
आज की बैठक पर टिकी हैं निगाहें
20 जून से जंतर-मंतर पर जारी CJP का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। शनिवार को होने वाली तीसरे दौर की वार्ता से यह स्पष्ट हो सकता है कि सरकार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर क्या अंतिम फैसला लेती है और आंदोलन आगे किस दिशा में जाएगा।


