कारगिल विजय दिवस के अवसर पर सिद्धबली वेडिंग पॉइंट, कोटद्वार में जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी तथा पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ की ओर से सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं तथा शहीद परिवारों के सदस्यों को शॉल, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
‘कारगिल विजय भारतीय सेना के शौर्य का प्रतीक’
समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि कारगिल विजय भारतीय सेना के अदम्य साहस, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का स्वर्णिम अध्याय है। उन्होंने कहा कि सीमाओं पर तैनात सैनिक अपने परिवारों से दूर रहकर देश की सुरक्षा में हर पल समर्पित रहते हैं। उनके त्याग और बलिदान की बदौलत ही देशवासी सुरक्षित जीवन जी रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शहीद कभी नहीं मरते, बल्कि वे राष्ट्र की आत्मा में सदैव जीवित रहते हैं। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने युवाओं से सैनिकों के आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का भी आह्वान किया।
शहीदों को दी श्रद्धांजलि, गूंजे देशभक्ति के नारे
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। पूरे समारोह में ‘भारत माता की जय’, ‘जय हिंद’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘कारगिल के अमर शहीद अमर रहें’ के नारों से वातावरण राष्ट्रभक्ति से गूंज उठा।
पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं का हुआ सम्मान
इस अवसर पर शहीद परिवारों की वीरांगनाओं और पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में श्रीमती राजेश्वरी देवी, श्रीमती रश्मि नेगी, कैप्टन संजय सिंह रावत, सूबेदार हरेंद्र सिंह नेगी, हवलदार विशम्बर दत्त, हवलदार विजय राणा, हवलदार बचन सिंह रावत, हवलदार सुरेंद्र सिंह पटवाल, भारत सिंह भंडारी, धर्मपाल सिंह रावत, नायब सूबेदार दिनेश सिंह रावत और सूरमान सिंह नेगी सहित कई पूर्व सैनिक एवं वीरांगनाएं शामिल रहीं।
कांग्रेस पदाधिकारी और बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
समारोह में महानगर कांग्रेस अध्यक्ष मीना बछवाण, कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण रावत, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के महानगर अध्यक्ष बृजपाल सिंह नेगी, कर्नल राम रतन सिंह नेगी, डॉ. चंद्रमोहन खर्कवाल, गणेश नेगी, विजय रावत, आकाश नेगी समेत कांग्रेस के कई पदाधिकारी, पूर्व सैनिक, शहीद परिवारों के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों का सम्मान और उनकी स्मृतियों को सदैव जीवित रखा जाएगा।


