विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 अभियान के तहत गुरुवार को पौड़ी में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO), बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) और सुपरवाइजरों का क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण आयोजित किया गया. प्रशिक्षण में मतदाता सूची पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया का व्यवहारिक अभ्यास कराया गया.
नोटिस से लेकर सुनवाई तक की प्रक्रिया समझाई
प्रशिक्षण के दौरान ईआरओ एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात ने अधिकारियों को नोटिस तामील, दस्तावेज सत्यापन, BLO ऐप पर ऑनलाइन अपलोड, सुनवाई और मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया विस्तार से समझाई. उन्होंने कहा कि सभी कार्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और तय समय-सीमा के अनुसार पूरे किए जाएं.
हर दस्तावेज और रिपोर्ट होगी प्रमाणिक
संयुक्त मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिए कि सुनवाई की तारीख से कम से कम सात दिन पहले संबंधित मतदाता को नोटिस देना अनिवार्य होगा. नोटिस की फोटो BLO ऐप पर अपलोड की जाएगी. इसके बाद घर-घर जाकर दस्तावेजों का सत्यापन कर पूरी जानकारी समयबद्ध तरीके से ऐप पर दर्ज की जाएगी.
उन्होंने कहा कि BLO की आख्या तथ्यपरक, स्पष्ट और साक्ष्यों पर आधारित होनी चाहिए. रिपोर्ट केवल एक बार अपलोड की जा सकती है, इसलिए सभी दस्तावेजों और तीन सदस्यीय समिति के हस्ताक्षरों का मिलान करने के बाद ही उसे अपलोड किया जाए.
समयबद्ध और पारदर्शी प्रक्रिया पर जोर
प्रशिक्षण में अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण के दस्तावेज अलग-अलग संकलित रखने, जरूरत पड़ने पर फिजिकल सुनवाई कराने और सभी मामलों का नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. साथ ही मतदाता सूची में आने वाली विसंगतियों, आवश्यक दस्तावेजों और आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करने की जानकारी भी दी गई.
प्रशिक्षण में खंड विकास अधिकारी पौड़ी दृष्टि आनंद, ईओ नगरपालिका संजय कुमार, तहसीलदार राजेंद्र गिरी गोस्वामी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.

