कोटद्वार की युवा शिक्षिका, लेखिका और कंटेंट क्रिएटर कृति शर्मा ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित Youth Empowerment Forum में भारत का प्रतिनिधित्व किया। 3 से 6 सितंबर तक चले इस अंतरराष्ट्रीय फोरम में कृति ने International Delegate के रूप में हिस्सा लिया।
CGDL ने आयोजित किया अंतरराष्ट्रीय फोरम
Youth Empowerment Forum का आयोजन Centre for Global Dialogue and Leadership (CGDL) की ओर से किया गया। इस मंच का उद्देश्य युवाओं को वैश्विक मुद्दों पर अपनी बात रखने, विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों से संवाद करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर देना है।
80 से ज्यादा देशों के युवाओं ने लिया हिस्सा
फोरम में 80 से अधिक देशों के युवा प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान वैश्विक चुनौतियों, युवाओं की भूमिका और भविष्य से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
शिक्षा और युवाओं के बेहतर भविष्य पर रखी बात
कृति शर्मा ने भारत की युवा पीढ़ी और शिक्षा के क्षेत्र में अपने अनुभव अंतरराष्ट्रीय मंच पर साझा किए। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत पर अपने विचार रखे।
UN, WTO और ILO का दौरा करने का भी मिला मौका
जिनेवा में कृति को United Nations (UN), World Trade Organization (WTO) और International Labour Organization (ILO) जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थानों का दौरा करने का अवसर भी मिला। इस दौरान उन्होंने वहां आयोजित चर्चाओं और विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया।
18 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को दे रही हैं मुफ्त शिक्षा
कृति शर्मा अपने YouTube प्लेटफॉर्म के जरिए 18 लाख से अधिक विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध करा रही हैं। छोटे शहर कोटद्वार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व और उपलब्धि का क्षण है।
‘छोटे शहरों के युवाओं को सपनों की सीमा तय नहीं करनी चाहिए’
कृति का मानना है कि छोटे शहरों से आने वाले युवाओं को अपनी परिस्थितियों के आधार पर अपने सपनों को सीमित नहीं करना चाहिए। उनका कहना है कि लगातार मेहनत और सही दिशा में प्रयास किए जाएं तो छोटे शहरों से निकलकर भी दुनिया के बड़े मंचों तक पहुंचा जा सकता है।
CBSE के लिए लिख चुकी हैं 18 पुस्तकें
कृति के शिक्षक रहे संतोष नेगी के मुताबिक, कृति शर्मा ने अब तक अलग-अलग विषयों पर CBSE बोर्ड के लिए 18 पुस्तकें लिखी हैं। उनके अनुसार, इन पुस्तकों की अब तक करीब 3 लाख प्रतियां बिक चुकी हैं।
माता भी रह चुकी हैं शिक्षिका
कृति शर्मा के परिवार का भी शिक्षा के क्षेत्र से पुराना जुड़ाव रहा है। उनकी माता कोटद्वार महाविद्यालय में शिक्षिका रह चुकी हैं। शिक्षा से जुड़े इसी माहौल के बीच कृति ने अध्यापन, लेखन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बड़ी संख्या में विद्यार्थियों तक अपनी पहुंच बनाई है।


