बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में बाबा रामदेव ने कंगना के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी थी, जिसमें उन्होंने कुछ युवा हिंदू महिलाओं और प्रदर्शनकारियों को ‘Generation Gutter’ कहा था। अब कंगना ने बाबा रामदेव के बयान पर पलटवार करते हुए सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
क्या कहा था कंगना ने?
कंगना ने पिछले महीने कुछ युवा महिलाओं और प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधते हुए कहा था कि कुछ लोग आजादी और आधुनिकता के नाम पर जिम्मेदारी भूल रहे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने कुछ लोगों को ‘Generation Gutter’ कहकर संबोधित किया था।
बाद में उनके इस बयान पर सवाल उठे और बाबा रामदेव से भी इस बारे में प्रतिक्रिया मांगी गई।
बाबा रामदेव ने कंगना के बयान को बताया ‘स्पॉयल्ड माइंड’ का नतीजा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक कार्यक्रम में बाबा रामदेव से कंगना के ‘Generation Gutter’ वाले बयान को लेकर सवाल पूछा गया। उन्होंने कंगना की परवरिश, शिक्षा और युवावस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहते।
रामदेव ने कथित तौर पर कहा कि युवाओं को ‘Generation Gutter’ कहना एक ‘corrupted mind’ यानी विकृत या दूषित सोच का संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि कंगना के राजनीतिक दल को उनके बयान पर ध्यान देना चाहिए।
कंगना का बाबा रामदेव पर सीधा पलटवार
बाबा रामदेव के बयान पर कंगना ने बुधवार को अपनी Instagram Stories के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बाबा रामदेव पर निजी टिप्पणी करते हुए लिखा:
«“Baba ji don’t day dream about my jawani or bedroom. One can only assume based on rumours and gossip.”»
इसके बाद कंगना ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पतंजलि के भ्रामक विज्ञापनों के मामले में की गई कार्रवाई का जिक्र करते हुए लिखा कि उन्हें कभी सुप्रीम कोर्ट से गलत या फर्जी प्रभावकारिता के दावों को लेकर फटकार नहीं लगी।
उन्होंने आगे लिखा:
«“So don’t give me character lessons. Tumse toh bahut zyada behtar hai mera character… no fraud detected here.”»
यानी कंगना ने साफ शब्दों में कहा कि बाबा रामदेव उन्हें चरित्र पर सीख न दें और दावा किया कि उनका चरित्र बाबा रामदेव से बेहतर है।
सुप्रीम कोर्ट और पतंजलि का मामला क्या था?
कंगना ने जिस सुप्रीम कोर्ट के मामले का जिक्र किया, वह 2024 में पतंजलि के भ्रामक विज्ञापनों से जुड़ा था।
सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद और उसके प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण के खिलाफ कार्रवाई की थी। मामला उन विज्ञापनों से संबंधित था, जिनमें विभिन्न बीमारियों के इलाज को लेकर ऐसे दावे किए गए थे, जिन पर अदालत ने आपत्ति जताई थी।
अदालत ने पहले ऐसे विज्ञापनों पर रोक लगाने का आदेश दिया था, लेकिन उसके बाद भी विज्ञापन जारी रहने पर बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को अदालत के समक्ष पेश होना पड़ा।
बाद में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने सुप्रीम कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगी थी और अदालत के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया था।
‘Generation Gutter’ बयान पर बाद में कंगना ने दी थी सफाई
कंगना के मूल बयान को लेकर विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनका निशाना सभी प्रदर्शनकारियों या सभी महिलाओं पर नहीं था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने विशेष रूप से कुछ लोगों और कुछ महिलाओं का जिक्र किया था।
उनका बयान ऐसे समय आया था जब वह युवा पीढ़ी, प्रदर्शन और महिलाओं के व्यवहार को लेकर अपनी टिप्पणियों के कारण आलोचना का सामना कर रही थीं।
सोशल मीडिया पर फिर गरमाया विवाद
बाबा रामदेव और कंगना रनौत के बीच हुई इस जुबानी जंग ने सोशल मीडिया पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। एक तरफ कंगना के समर्थक उनके बेबाक जवाब की तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके बयान के निजी और तीखे अंदाज को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल इस पूरे विवाद में सबसे ज्यादा चर्चा कंगना की उस टिप्पणी की हो रही है, जिसमें उन्होंने बाबा रामदेव को “मेरी जवानी या बेडरूम के सपने मत देखो” कहकर सीधा निशाना बनाया।


