बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने Gen-Z को लेकर अपनी राय रखते हुए बॉलीवुड अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत के चर्चित ‘जेनरेशन गटर’ बयान पर प्रतिक्रिया दी है। TV9 भारतवर्ष के खास कार्यक्रम ‘5 एडिटर्स’ में बातचीत के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि सभी युवा एक जैसे नहीं होते और किसी एक वर्ग के कुछ लोगों के व्यवहार के आधार पर पूरी पीढ़ी को एक नजर से नहीं देखा जा सकता।
उन्होंने कंगना रनौत का सीधे तौर पर नाम लेकर आलोचना नहीं की, लेकिन उनके बयान पर अपनी अलग राय जरूर रखी।
‘सब उंगलियां एक जैसी नहीं हो सकतीं’
कंगना के Gen-Z को ‘जेनरेशन गटर’ कहने वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “देखिए वो राजनेता हैं, तो हम किसी राजनेता पर टिप्पणी नहीं कर सकते, लेकिन इतना कह सकते हैं कि सब उंगलियां एक जैसी नहीं हो सकती हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोगों ने अभद्रता की होगी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पूरी युवा पीढ़ी को उसी नजर से देखा जाए।
उनके मुताबिक, “कुछ रहे होंगे, जिन्होंने अभद्रता फैलाई होगी, लेकिन सब थोड़ी ऐसे थे।” उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने गलत व्यवहार किया, उन्हें चिह्नित किया जाना चाहिए, लेकिन सभी युवाओं को एक ही श्रेणी में रखना उचित नहीं है।
‘देश का हर युवा अपनी शिक्षा और स्वास्थ्य पर बात नहीं करेगा तो कौन करेगा?’
धीरेंद्र शास्त्री ने युवाओं की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि देश का युवा अपनी शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर बात करेगा, तभी इन विषयों पर चर्चा आगे बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि युवाओं के कंधों पर देश की बड़ी जिम्मेदारी है और उन्हें अपने अधिकारों के साथ-साथ देश के भविष्य को लेकर भी सजग रहना चाहिए।
Gen-Z की जमकर तारीफ
कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने Gen-Z की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी के युवाओं में तेज गति, तेज बुद्धि और काम करने का अलग तरीका है।
उन्होंने कहा कि युवाओं में अपने हक को मांगने और हासिल करने का जोश और जुनून भी दिखाई देता है।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “ये देश युवाओं का देश है। 1947 में इस देश को आजादी भी युवाओं ने दिलवाई। देश की रक्षा भी इस देश के युवा ही कर रहे हैं। इस देश का भविष्य भी युवा ही होंगे।”
‘मैं भी मन से पूरा Gen-Z हूं’
धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी पीढ़ी और Gen-Z के बीच के अंतर का जिक्र करते हुए कहा कि उनका जन्म 1996 में हुआ था और उनके अनुसार उसके ठीक बाद की पीढ़ी को Gen-Z कहा गया।
उन्होंने कहा कि वह दोनों पीढ़ियों को नजदीक से देख पा रहे हैं और यही वजह है कि उन्हें वर्तमान युवाओं की सोच और काम करने के तरीके को समझने का अवसर मिला है।
उन्होंने यह भी कहा कि वह मन से पूरे Gen-Z हैं।
कंगना ने क्यों कहा था ‘Generation Gutter’?
कंगना रनौत ने यह टिप्पणी NEET पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शन स्थल पर फैली गंदगी और छोड़े गए कचरे को लेकर की थी।
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कुछ प्रदर्शनकारियों और महिलाओं के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए उन्हें ‘Generation Gutter’ कहा था। कंगना ने आरोप लगाया था कि कुछ लोग पश्चिमी रंग-ढंग से प्रभावित हैं और उनके पास व्यवस्था को देने के लिए कुछ नहीं है।
हालांकि, बाद में कंगना ने स्पष्ट किया था कि उनका बयान सभी प्रदर्शनकारियों या सभी महिलाओं के लिए नहीं था, बल्कि उन्होंने कुछ लोगों और कुछ महिलाओं का जिक्र किया था।
विवाद के बीच धीरेंद्र शास्त्री की अलग राय
जहां कंगना के बयान को लेकर ‘Gen-Z’ को लेकर बहस छिड़ी हुई है, वहीं धीरेंद्र शास्त्री ने पूरी पीढ़ी को एक नजर से देखने के बजाय व्यक्तिगत व्यवहार के आधार पर मूल्यांकन करने की बात कही।
उनका संदेश साफ था—गलती करने वालों की पहचान और आलोचना होनी चाहिए, लेकिन कुछ लोगों के व्यवहार के आधार पर पूरी युवा पीढ़ी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।


