चंडीगढ़: पंजाब में सिख बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर शुक्रवार को बुलाए गए राज्यव्यापी बंद का असर कई इलाकों में देखने को मिला। कौमी इंसाफ मोर्चा के आह्वान पर सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक बंद रखा गया। इस दौरान कई हाईवे और प्रमुख सड़कें ब्लॉक की गईं। चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई।
मोहाली में रोका गया ट्रैफिक
मोहाली के फेज-7 स्थित एक ट्रैफिक चौराहे पर बंद समर्थकों ने वाहनों को रोककर यातायात बाधित किया। पुलिस ने कई संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी।
कई हाईवे पर प्रदर्शन
नेशनल जस्टिस फ्रंट ने जांगपुरा गांव में जीरकपुर-पटियाला हाईवे को ब्लॉक किया। वहीं, BKU (क्रांतिकारी) के कार्यकर्ताओं ने बंद के समर्थन में रामपुर मौ चौक पर बठिंडा-बरनाला हाईवे को जाम किया।
कौमी इंसाफ मोर्चा ने मोहाली के गुरुद्वारा सोहाना साहिब के सामने भी सड़क को ब्लॉक किया।
क्यों बुलाया गया पंजाब बंद?
आयोजकों का कहना है कि कई सिख बंदी अपनी सजा पूरी करने के बावजूद जेलों में बंद हैं। उनका दावा है कि इनमें कुछ ऐसे कैदी भी हैं जो करीब 30 साल से जेल में हैं।
मोर्चे ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर इस मुद्दे को लेकर “नाटक” करने का आरोप लगाया। हालांकि, आयोजकों ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को नहीं रोका जाएगा।
SAD और Waris Punjab De ने किया समर्थन
बंद को शिरोमणि अकाली दल (SAD) और वारिस पंजाब दे समेत कई संगठनों का समर्थन मिला। वारिस पंजाब दे के मनप्रीत सिंह अयाली ने इसे जायज मांग बताया।
वहीं, SAD नेता महेशिंदर सिंह ग्रेवाल ने सिख बंदियों को लेकर केंद्र सरकार पर फैसला टालने का आरोप लगाया। उन्होंने बलवंत सिंह राजोआना के मामले का भी जिक्र करते हुए कहा कि इस पर लंबे समय से फैसला लंबित है।
लुधियाना में 800 बसें रहेंगी बंद
स्मॉल स्केल डिस्ट्रिक्ट बस ऑपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन ने भी बंद का समर्थन किया। पंजाब के महासचिव जसविंदर सिंह ग्रेवाल के मुताबिक, बंद के दौरान लुधियाना की करीब 800 बसें सड़कों पर नहीं उतरेंगी।
कांग्रेस ने नहीं लिया पक्ष
हर संगठन ने बंद का समर्थन नहीं किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय तलवार ने कहा कि पार्टी का रुख प्रदेश नेतृत्व के फैसले के आधार पर तय होगा।
जम्हूरी किसान सभा पंजाब के अध्यक्ष रघबीर सिंह बेनीपाल ने भी कहा कि उनका संगठन न तो बंद का समर्थन कर रहा है और न ही विरोध। हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार की सिख बंदियों की रिहाई की मांग केवल एक व्यक्ति तक सीमित क्यों दिखाई दे रही है।
चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ी
बंद के मद्देनजर चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पंजाब के कई हिस्सों में सड़कें ब्लॉक होने से यातायात प्रभावित हुआ। बंद के दौरान राज्य में इसके व्यापक असर और अन्य स्थानों पर व्यवधान की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।


