उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने मंगलवार को कई जिलों में मुश्किलें बढ़ा दीं। सीतापुर में दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि गाजीपुर में गंगा में नहाने गईं दो नाबालिग लड़कियां बह गईं। वहीं बलिया में बाढ़ से करीब 20 हजार लोग प्रभावित हुए हैं।
वाराणसी में गंगा चेतावनी स्तर को पार कर चुकी है। कई इलाकों में पानी भरने के कारण नावों से आवाजाही हो रही है। दूसरी ओर, चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से करीब चार मीटर ऊपर बह रही है। कई जगह लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और राहत-बचाव अभियान जारी है।
सीतापुर में दीवार गिरने से 2 की मौत
सीतापुर के गौरा गांव में मंगलवार शाम मिट्टी की दीवार अचानक गिर गई। हादसे में 32 वर्षीय नेकराम और उनकी पांच वर्षीय भतीजी लक्ष्मी की मौत हो गई। वहीं आठ वर्षीय मोहित घायल हो गया, जिसका इलाज चल रहा है।
पुलिस के मुताबिक, लगातार बारिश के कारण दीवार कमजोर हो गई थी। हादसे के समय तीनों उसके अंदर मौजूद थे।
गाजीपुर में गंगा में बहीं दो नाबालिग लड़कियां
गाजीपुर के करंडा इलाके में चोचकपुर घाट पर गंगा में नहाने के दौरान 16 वर्षीय माही सिंह और 14 वर्षीय महिमा सिंह तेज बहाव में बह गईं। दोनों बसंतपट्टी गांव की रहने वाली हैं।
पुलिस और प्रशासन की टीमें स्थानीय नाविकों की मदद से दोनों की तलाश कर रही हैं, लेकिन रिपोर्ट लिखे जाने तक उनका पता नहीं चल पाया था।
बलिया में 20 हजार लोग प्रभावित
बलिया में गंगा का पानी कई रिहायशी इलाकों में पहुंच गया है। जिला प्रशासन के मुताबिक करीब 20 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। राहत और लोगों की आवाजाही के लिए 47 नावें लगाई गई हैं।
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह के मुताबिक गंगा खतरे के निशान से 1.60 मीटर ऊपर बह रही है और मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक जलस्तर में थोड़ी और बढ़ोतरी हो सकती है। गंगा किनारे के 39 गांवों और बैरिया क्षेत्र के 17 गांवों में प्रशासन अलर्ट पर है।
प्रशासन ने अब तक 6,110 राशन किट, 33,411 दवा किट और 81,300 पैकेट पका हुआ भोजन बांटा है। राहत शिविर और सामुदायिक रसोई भी शुरू की गई हैं। NDRF और PAC की टीमें राहत-बचाव में जुटी हैं।
वाराणसी में गंगा चेतावनी स्तर के ऊपर
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक मंगलवार सुबह 10 बजे वाराणसी में गंगा का जलस्तर 70.28 मीटर दर्ज किया गया, जो 70.26 मीटर के चेतावनी स्तर से ऊपर है। हालांकि नदी अभी 71.262 मीटर के खतरे के निशान से नीचे है।
जलभराव वाले इलाकों में नावें चल रही हैं। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर पानी भरने के कारण अंतिम संस्कार छतों और आसपास की गलियों में किए जा रहे हैं। वरुणा नदी के किनारे रहने वाले कई परिवारों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।
चित्रकूट में मंदाकिनी खतरे के निशान से 4 मीटर ऊपर
भारी बारिश के बाद चित्रकूट में मंदाकिनी नदी करीब चार मीटर ऊपर बह रही है। रामघाट और निर्मोही अखाड़ा समेत कई धार्मिक स्थल जलभराव से प्रभावित हुए हैं। रामघाट और नयागांव को जोड़ने वाला पुल भी क्षतिग्रस्त हुआ है।
SDRF और NDRF की टीमें बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने में जुटी हैं। कई लोगों को सेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से सुरक्षित निकाला गया है।
लखीमपुर खीरी में स्कूल बंद, ट्रेन सेवा प्रभावित
लखीमपुर खीरी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कक्षा 8 तक के सभी शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया है। शारदा नदी का पानी बढ़ने से मेलानी-नानपारा रेलखंड पर भी ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
वहीं नेपाल सीमा से लगे इलाकों में भी मोहाना और कर्णाली नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे सीमावर्ती गांवों में चिंता बढ़ गई है।
मिर्जापुर और सोनभद्र में भी जलभराव
मिर्जापुर में भारी बारिश के बाद अहरौरा जलाशय का जलस्तर तेजी से बढ़ा। प्रशासन ने मंगलवार सुबह जलाशय के दो गेट खोलकर करीब 700 क्यूसेक पानी छोड़ा। अधिकारियों के मुताबिक यह कदम जलाशय का स्तर नियंत्रित रखने और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा कम करने के लिए उठाया गया।
सोनभद्र के बेलवानिया गांव में नाकटी निबाहवा तालाब का तटबंध टूटने से 11 परिवारों के घरों में पानी घुस गया। सभी प्रभावित परिवारों को पंचायत भवन में बनाए गए राहत केंद्र में पहुंचाया गया है। मौसम की स्थिति को देखते हुए सोनभद्र में बुधवार को कक्षा 1 से 12 तक के स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है।


