पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से राज्यसभा सांसद Raghav Chadha का नाम हटा दिया गया है। चुनाव आयोग की Special Intensive Revision (SIR) के तहत तैयार सूची में उनके नाम के सामने ‘Permanently Shifted’ यानी ‘स्थायी रूप से स्थानांतरित’ कारण दर्ज किया गया है। चड्ढा ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
चड्ढा का नाम 13 अगस्त को जारी ASDD (Absent, Shifted, Deceased and Duplicate) सूची में शामिल है। पंजाब में SIR से पहले के करीब 2.13 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 20.66 लाख नाम ड्राफ्ट रोल से हटाए गए हैं, जो कुल मतदाताओं का करीब 9.7 फीसदी है।
‘मेरा वोटर ID मोहाली में है, फिर शिफ्टेड क्यों?’
चड्ढा ने कहा कि उनका वोटर ID मोहाली में पंजीकृत है और उन्होंने सवाल उठाया कि उन्हें ‘स्थायी रूप से स्थानांतरित’ कैसे घोषित कर दिया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी वोटर लिस्ट ड्राफ्ट स्टेज में है और SIR के नियमों के तहत उन्हें उपलब्ध उपायों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि यह महज क्लेरिकल गलती नहीं, बल्कि ‘राजनीतिक बदले’ का मामला है। चड्ढा के मुताबिक, AAP छोड़ने के बाद पार्टी नेतृत्व उनसे नाराज है और उनके खिलाफ पंजाब सरकार की प्रशासनिक मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अप्रैल में AAP छोड़ BJP में शामिल हुए थे चड्ढा
37 वर्षीय राघव चड्ढा ने अप्रैल में AAP छोड़कर BJP का दामन थामा था। उनके साथ छह अन्य राज्यसभा सांसदों ने भी पार्टी बदली थी। चड्ढा ने AAP छोड़ने की वजह बताते हुए कहा था कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और मूल्यों से पूरी तरह भटक गई है। वहीं AAP ने उन्हें ‘अवसरवादी’ बताते हुए उनके फैसले पर सवाल उठाए थे।
‘MP के लिए वोटर लिस्ट से नाम हटना बाधा नहीं’
चड्ढा के नाम का पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटना अपने आप में उनके राज्यसभा सांसद बने रहने की पात्रता को प्रभावित नहीं करता। 2003 में Representation of the People Act में संशोधन के बाद राज्यसभा उम्मीदवार के लिए उस राज्य का मतदाता होना जरूरी नहीं रहा, जिस राज्य से वह चुनाव लड़ रहा है।
पंजाब SIR के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख 12 सितंबर है, जबकि अंतिम मतदाता सूची अक्टूबर 2026 में प्रकाशित होने की उम्मीद है।


