कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी अमेरिकी शिक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला चैलेंज दिया है। दीपके ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि अगर लोग उनकी डिग्री देखना चाहते हैं तो प्रधानमंत्री मोदी और वह दोनों अपनी-अपनी डिग्री दिखाएं और इस विवाद को खत्म करें।
दीपके ने लिखा कि लोग पिछले काफी समय से उनकी डिग्री देखने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लोग 12 साल से प्रधानमंत्री की डिग्री देखे बिना कैसे काम चला रहे हैं। इसके बाद उन्होंने PM मोदी को संबोधित करते हुए कहा, ‘आइए, दोनों अपनी डिग्री दिखाते हैं और इस मामले को खत्म करते हैं।’
Boston University की डिग्री पर क्यों उठे सवाल?
यह विवाद एक हालिया पॉडकास्ट के बाद फिर चर्चा में आया। पॉडकास्टर प्रखर गुप्ता ने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के साथ बातचीत के दौरान दीपके की Boston University की शिक्षा पर सवाल उठाए। गुप्ता ने दावा किया कि उनका एक करीबी दोस्त भी Boston University में पढ़ चुका है और CJP के आंदोलन में शामिल रहा था।
गुप्ता के मुताबिक, उनके दोस्त ने बाद में दीपके की शैक्षणिक योग्यता की जांच की और कथित तौर पर उन्हें विश्वविद्यालय से दीपके के ग्रेजुएशन का रिकॉर्ड नहीं मिला। हालांकि, ये पॉडकास्ट में किए गए दावे हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पहले भी सामने आ चुके हैं सवाल
दीपके की अमेरिका में पढ़ाई के खर्च को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। RTI कार्यकर्ता अमित तिवारी ने उनके पिता की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए उनकी शिक्षा के वित्तपोषण की जांच की मांग की थी।
हालांकि, दीपके ने इन आरोपों को खारिज किया है। पत्रकार बरखा दत्त को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि Boston University में उनकी पढ़ाई स्कॉलरशिप से हुई थी और उन्होंने कुछ हिस्सा एजुकेशन लोन के जरिए भी पूरा किया, जिसे उन्हें चुकाना है। उन्होंने इंटरव्यू के दौरान अपनी स्कॉलरशिप से जुड़ा पत्र भी दिखाया था।
PM मोदी की डिग्री पर भी साधा निशाना
दीपके ने एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी की डिग्री को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के एक पुराने मामले का जिक्र करते हुए पूछा कि प्रधानमंत्री की डिग्री सार्वजनिक करने से जुड़ी जानकारी क्यों सामने नहीं आई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर डिग्री न दिखाना धोखाधड़ी है, तो यह नियम सभी पर लागू होना चाहिए।
वहीं, बीजेपी का कहना रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री पहले सार्वजनिक की जा चुकी है और इस मामले को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब दिया जा चुका है।


