दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दूसरी बार घटनास्थल का दौरा किया और राहत-बचाव कार्यों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हादसे के लिए बिल्डिंग मालिक की लापरवाही जिम्मेदार है। बेसमेंट में पानी भरने और पुरानी इमारत में चल रहे मरम्मत कार्य के कारण ढांचा कमजोर हुआ, जिसके बाद इमारत ढह गई।
बिल्डिंग मालिक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। वहीं, MCD के जिन अधिकारियों की लापरवाही या निगरानी में चूक सामने आएगी, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हर 20, 30 और 40 साल में होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट
CM रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार नगर निगम के साथ मिलकर ऐसी नीति तैयार कर रही है, जिसके तहत सार्वजनिक इस्तेमाल वाली इमारतों का समय-समय पर स्ट्रक्चरल ऑडिट और सेफ्टी सर्टिफिकेशन अनिवार्य किया जाएगा।
20, 30 और 40 साल पुरानी इमारतों के लिए सुरक्षा प्रमाणपत्र जरूरी करने की दिशा में काम किया जा रहा है। जिन इमारतों के पास वैध स्ट्रक्चरल सेफ्टी रिपोर्ट नहीं होगी, उन्हें PG, नर्सिंग होम, स्कूल या अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के तौर पर इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पांचवीं मंजिल वाली इमारतों की होगी जांच
मुख्यमंत्री ने पांचवीं मंजिल वाली इमारतों को तत्काल सील करने के निर्देश दिए हैं। आसपास के PG और अन्य भवनों का भी गहन निरीक्षण किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन मिलने पर इमारतों को सील किया जाएगा।
उन्होंने साफ कहा कि छात्रों को असुरक्षित PG में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हादसे से प्रभावित छात्रों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था की गई है और सरकार उनके जरूरी सामान और दूसरी सुविधाओं का ध्यान रख रही है। अधिकारियों को छात्रों के अभिभावकों के संपर्क में रहने के निर्देश भी दिए गए हैं।
80% मलबा हटाया गया
CM रेखा गुप्ता के मुताबिक, हादसे के बाद करीब 80 फीसदी मलबा हटाया जा चुका है। अब बेसमेंट का मलबा बाकी है। उन्होंने बताया कि अब तक 12 लोगों को मलबे से निकाला गया है, जिनमें छह की मौत हो चुकी है और छह लोग स्थिर हालत में हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हादसे की स्थिति पर स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री नजर बनाए हुए हैं, जबकि प्रधानमंत्री भी स्थिति को लेकर मार्गदर्शन दे रहे हैं।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
रेस्क्यू और राहत कार्यों के चलते दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी एडवाइजरी जारी की है। सफदरजंग अस्पताल से धौला कुआं, RTR और बेनिटो जुआरेज मार्ग की ओर जाने वाले रास्तों पर यातायात प्रभावित है।
पुलिस ने लोगों से इन रास्तों से बचने और वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है। साथ ही लोगों से घटनास्थल के आसपास रुकने, पार्किंग करने या भीड़ लगाने से बचने को कहा गया है, ताकि एंबुलेंस और राहत-बचाव वाहनों की आवाजाही में कोई बाधा न आए।
रविवार को ढही थी पांच मंजिला इमारत
सत्य निकेतन मार्केट में दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास यह पांच मंजिला इमारत रविवार, 6 सितंबर को करीब 1:30 बजे ढह गई थी। करीब 50 साल पुरानी इस इमारत का इस्तेमाल छात्रों के PG के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के वक्त इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था।
हादसे में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद दिल्ली में PG और पुरानी इमारतों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर दुख जताते हुए इसे बेहद पीड़ादायक बताया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि अधिकारी घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं।


