प्रयागराज से राम वन गमन पथ की सड़क की कुछ तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। श्रृंगवेरपुर धाम के पास करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हो रही सड़क कई जगह से उखड़ती और धंसती नजर आई। मामला सामने आने के बाद मौके पर मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया है।
सड़क की स्थिति को लेकर जब उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “बारिश का मौसम है, सड़क धंसी है तो बनेगी भी।” उनके इस बयान को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़क बारिश के दौरान ही क्षतिग्रस्त क्यों हो गई।
करीब 100 मीटर हिस्से में दिखी खराब हालत
श्रृंगवेरपुर धाम के पास करीब 100 मीटर के दायरे में सड़क कई जगह से बीच में उखड़ी और धंसी हुई दिखाई दी। सड़क के किनारे बनाया गया बॉर्डर भी कई स्थानों पर टूट गया है। सड़क की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद संबंधित विभाग ने मरम्मत का काम शुरू कर दिया।
4,400 करोड़ रुपये की परियोजना
राम वन गमन पथ परियोजना के तहत उत्तर प्रदेश में भगवान राम के वनवास से जुड़े प्रमुख स्थलों को जोड़ने के लिए अयोध्या से चित्रकूट तक करीब 210 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। इस परियोजना के लिए करीब 4,400 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
ऐसे में निर्माणाधीन सड़क के धंसने और उखड़ने के बाद इसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का सवाल है कि अगर बारिश के दौरान ही सड़क की हालत खराब होने लगे तो निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और तकनीकी मानकों की जांच क्यों न की जाए।
भगवान राम से जुड़ा है श्रृंगवेरपुर धाम
श्रृंगवेरपुर धाम का भगवान राम से धार्मिक और ऐतिहासिक संबंध माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वनवास के दौरान भगवान राम यहां पहुंचे थे और उनकी मुलाकात निषादराज से हुई थी। कहा जाता है कि निषादराज ने भगवान राम को नाव से गंगा पार कराई थी।
इसी धार्मिक महत्व को देखते हुए श्रृंगवेरपुर धाम को विकसित किया जा रहा है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में राम वन गमन पथ की सड़क की गुणवत्ता महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब सवाल यह है कि मरम्मत के साथ-साथ क्या जिम्मेदार विभाग सड़क के क्षतिग्रस्त होने की वजह और निर्माण गुणवत्ता की भी जांच कराएगा।


