सतपुली-गुमखाल राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-534 पर चल रहे निर्माण कार्य के चलते कई स्थानों पर यातायात प्रभावित होने, सड़क किनारे मलबा जमा रहने और पुश्ते गिरने की शिकायतों पर पौड़ी की जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
निर्माण के साथ जनता की सुरक्षा भी जरूरी
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सड़क निर्माण कार्य के दौरान आमजन की आवाजाही सुचारू रखना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के नाम पर सड़क को असुरक्षित स्थिति में नहीं छोड़ा जा सकता।
एक सप्ताह में हटाना होगा सड़क किनारे पड़ा मलबा
राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता ने बताया कि सूलिया, सतपुलीसैंण, सतपुली मल्ली, कुल्हाड़ मोड़ और गहड़गांव के पास निर्माण एवं कटिंग का कार्य चल रहा है। जिलाधिकारी ने इन क्षेत्रों में जमा शेष मलबे को एक सप्ताह के भीतर हटाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर मलबा हटाने वाले वाहनों की संख्या बढ़ाने और प्रतिदिन कार्य की निगरानी कर प्रगति रिपोर्ट देने को कहा गया।
गिरते पुश्तों और कमजोर सुरक्षा कार्यों पर भी चिंता
बैठक में पुश्ते गिरने और कमजोर सुरक्षात्मक संरचनाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। डीएम ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के साथ-साथ सुरक्षा दीवारों, पुश्तों और अन्य सुरक्षात्मक कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने राइट ऑफ वे के बाहर प्रभावित हो रहे भवनों का भी स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए।
दोपहिया वाहनों के लिए संवेदनशील स्थानों पर विशेष इंतजाम
यातायात व्यवस्था की समीक्षा के दौरान बताया गया कि कई स्थानों पर संकेतक लगाए गए हैं और नयार घाटी मोड़ को साफ कराया गया है। हालांकि कुछ स्थानों पर दोपहिया वाहनों की आवाजाही को लेकर विशेष सावधानी की जरूरत बताई गई।
इस पर जिलाधिकारी ने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा अवरोधक लगाने, सड़क के दोनों किनारों पर मलबा जमा न होने देने और यातायात को सुरक्षित बनाए रखने के निर्देश दिए।
अवैध उपखनिज भंडारण के तीन मामलों में कार्रवाई
जिला खनन अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र में उपखनिज के अवैध भंडारण के तीन मामलों में कार्रवाई की गई है और संबंधित लोगों पर जुर्माना लगाया गया है।
डीएम ने ऐसे मामलों में सख्ती बरतने और नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला खनन अधिकारी को भूगर्भ वैज्ञानिक के साथ संबंधित क्षेत्रों का संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
15 नवंबर तक डामरीकरण पूरा करने का लक्ष्य
बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के डामरीकरण कार्य में तेजी लाई जा रही है और 15 नवंबर तक पूरे डामरीकरण कार्य को समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
जिलाधिकारी ने तय समयसीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश देते हुए साफ कहा कि गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पांच संवेदनशील स्थानों पर होंगे भूस्खलन रोधी कार्य
राष्ट्रीय राजमार्ग के पांच स्थानों पर भूस्खलन से बचाव के लिए सुरक्षात्मक कार्य किए जाने हैं। बैरगांव और कुल्हाड़ के बीच इन कार्यों की शुरुआत हो चुकी है।
डीएम ने उन स्थानों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए जहां सड़क और आसपास की संरचनाओं को भूस्खलन या अन्य कारणों से खतरा बना हुआ है।
16 सितंबर को फिर होगा जमीनी निरीक्षण
जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में संबंधित अधिकारियों की एक समिति गठित की है। यह समिति 16 सितंबर को दोबारा स्थलीय निरीक्षण करेगी।
निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की प्रगति, यातायात व्यवस्था, सड़क पर मलबे की स्थिति, पुश्तों और सुरक्षात्मक कार्यों के साथ आम जनता को हो रही परेशानियों का जायजा लिया जाएगा।
लापरवाही मिली तो होगी कड़ी कार्रवाई
डीएम स्वाति एस भदौरिया ने स्पष्ट चेतावनी दी कि निरीक्षण के दौरान यदि कार्य में लापरवाही या दिए गए निर्देशों की अनदेखी पाई गई तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जनता की आवाजाही और सड़क सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान, उपजिलाधिकारी रेखा आर्य, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग खंड अरुण कुमार, जिला खनन अधिकारी अनिल मुयाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


