गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर जिला कारागार पौड़ी गढ़वाल में भगवान श्री गणेश की प्रतिमा की विधिवत स्थापना की गई। इसके साथ ही सात दिवसीय गणेश उत्सव का शुभारंभ हुआ। इस दौरान कारागार परिसर में पूजा-अर्चना, आरती और भक्ति-भजनों का आयोजन किया गया।
बंदियों के साथ श्रद्धालुओं ने भी लिया हिस्सा
गणेश उत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम में कारागार में निरुद्ध बंदियों के साथ स्थानीय श्रद्धालुओं ने भी सहभागिता की। धार्मिक माहौल के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की पूजा कर सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
सात दिनों तक होंगे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम
कारागार में चलने वाले सात दिवसीय गणेश उत्सव के दौरान प्रतिदिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन के माध्यम से बंदियों में सकारात्मक सोच, आत्मचिंतन और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की भावना को मिलेगा बढ़ावा
कारागार प्रशासन के अनुसार ऐसे आयोजनों का उद्देश्य बंदियों में सकारात्मक ऊर्जा और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की भावना विकसित करना है। धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए उन्हें आत्मविश्वास के साथ बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
गणेश चतुर्थी नई शुरुआत और सकारात्मक सोच का संदेश देती है
जेल अधीक्षक कौशल कुमार ने कहा कि गणेश चतुर्थी नई शुरुआत, सकारात्मक सोच और विघ्नों पर विजय का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन बंदियों में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ कारागार और समाज के बीच सकारात्मक संवाद को भी मजबूत करते हैं।
गणेश विसर्जन के साथ होगा सात दिवसीय उत्सव का समापन
जिला कारागार में आयोजित सात दिवसीय गणेश उत्सव का समापन भगवान श्री गणेश की प्रतिमा के विसर्जन के साथ किया जाएगा। जेल अधीक्षक ने सभी श्रद्धालुओं को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं देते हुए भगवान गणेश से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।


