उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और बीजेपी के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. इसी बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर बनाई गई AI फिल्म दिखाई.
80 के दशक की फिल्मों जैसा अंदाज
AI से तैयार इस फिल्म में 80 के दशक की फिल्मों जैसा अंदाज दिखाया गया है. इसमें योगी आदित्यनाथ को खलनायक के रूप में और अखिलेश यादव को ‘एंग्री यंग मैन’ की भूमिका में दिखाया गया. फिल्म में योगी के किरदार को ‘अजय सेठ’ कहकर संबोधित किया गया, जबकि उनका वास्तविक नाम अजय बिष्ट है.
अपराध, भ्रष्टाचार और महंगाई पर निशाना
फिल्म में अखिलेश यादव का किरदार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, एक्सप्रेसवे के निर्माण, भ्रष्टाचार, सरकारी शिक्षा व्यवस्था और किसानों की आत्महत्या जैसे मुद्दों को लेकर आरोप लगाता दिखाई देता है.
फिल्म में महंगाई को लेकर भी संवाद दिखाया गया है. इसमें चीनी, गैस सिलेंडर और राशन की बढ़ती कीमतों का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा गया.
‘PR पर 2 करोड़ से ज्यादा खर्च’ का संवाद
AI फिल्म में योगी आदित्यनाथ के किरदार को यह कहते हुए दिखाया गया कि वह अपने प्रचार-प्रसार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी ज्यादा खर्च करते हैं. इसके जवाब में अखिलेश यादव का किरदार जनता के समर्थन को किसी भी प्रचार तंत्र से बड़ा बताता है.
राम मंदिर के चंदे को लेकर भी आरोप
फिल्म में योगी के AI किरदार से लोगों को बांटने, समुदायों के बीच तनाव पैदा करने और अयोध्या राम मंदिर के चंदे के दुरुपयोग को लेकर भी संवाद कराया गया है. ये फिल्म में लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं.
‘2027 में PDA सरकार’ के नारे
फिल्म के अंत में बड़ी संख्या में सपा समर्थक दिखाई देते हैं. उनके हाथों में ‘2027 में PDA सरकार’ लिखे पोस्टर नजर आते हैं और वे नारे लगाते दिखते हैं.
पहले भी सामने आया था AI वीडियो
इससे पहले अखिलेश यादव ने एक अन्य AI वीडियो दिखाया था, जिसमें योगी आदित्यनाथ को चिलम पीते हुए दिखाया गया था. इस वीडियो को लेकर बीजेपी ने सपा पर निशाना साधते हुए इसे ‘एंटी-सनातन’ मानसिकता का सबूत बताया था.

