पौड़ी गढ़वाल में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत फार्म फेसिंग पॉलिसी यानी घेरबाड़ नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में योजना के तहत प्रस्ताव तैयार करने, पात्र लाभार्थियों के चयन, कार्यों की गुणवत्ता, निगरानी और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को लेकर चर्चा की गई।
प्रस्तावों की जांच कर वास्तविक स्थिति परखने के निर्देश
जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि विकासखंड स्तर से प्राप्त प्रस्तावों की संबंधित खंड विकास अधिकारियों के साथ जांच की जाए और मौके पर उनकी वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया जाए। उन्होंने विभिन्न विभागों को आपसी समन्वय के साथ कन्वर्जेंस के माध्यम से कार्य कराने पर जोर दिया, जिससे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।
पुराने घेरबाड़ कार्यों का होगा स्थलीय निरीक्षण
जिलाधिकारी ने जिला योजना के तहत पहले कराए गए घेरबाड़ और संबंधित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुराने कार्यों की स्थिति और उनके परिणामों का आकलन करने के बाद ही आगामी कार्यों की बेहतर योजना तैयार की जाए।
सहभागिता और पारदर्शिता से होगा लाभार्थियों का चयन
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि प्रस्तावों के चयन में सहभागिता और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जाए। ऐसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए, जहां वर्तमान में खेती हो रही है और स्थानीय लोग अपनी सहभागिता के साथ घेरबाड़ कराने के लिए तैयार हैं।
कृषि और उद्यान विभाग के लिए जारी हुई संयुक्त एसओपी
मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि शासन स्तर से कृषि एवं उद्यान विभाग के अंतर्गत फार्म फेसिंग पॉलिसी के लिए संयुक्त मानक संचालन प्रविधि (SOP) जारी की गई है। योजना के प्रभावी संचालन के लिए जिलास्तरीय समिति का गठन भी किया गया है। बैठक में एसओपी के अनुसार योजना संचालन, लाभार्थी चयन और कार्यों की निगरानी से जुड़े बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
अच्छा उत्पादन करने वाले क्लस्टरों को मिलेगी वाहन सुविधा
बैठक में कृषि और उद्यान गतिविधियों को क्लस्टर आधारित तरीके से बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि कुछ क्लस्टरों में सब्जी और दलहन का अच्छा उत्पादन हो रहा है और किसानों को बेहतर बाजार मूल्य भी मिल रहा है।
जिलाधिकारी ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले ऐसे क्लस्टरों को उनके उत्पादन के आधार पर वाहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिला योजना में प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इससे किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए नए दुग्ध मार्ग बनाने पर जोर
दुग्ध उत्पादन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने दुग्ध उत्पादन से जुड़े लाभार्थियों की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए एक माह का समय दिया।
मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने जनपद में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नए दुग्ध मार्ग विकसित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य दुग्ध उत्पादकों को दूध के संग्रहण और विपणन की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है।
एकेश्वर में कोल्ड स्टोरेज का काम जल्द शुरू करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने जिला उद्यान अधिकारी को एकेश्वर में प्रस्तावित कोल्ड स्टोरेज का काम तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाओं से स्थानीय कृषि उत्पादों के सुरक्षित भंडारण में मदद मिलेगी और किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने में सुविधा हो सकती है।
क्षेत्रीय जरूरतों के अनुसार तैयार होंगे प्रस्ताव
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार प्रस्ताव तैयार करने, लाभार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने और सभी कार्यों में निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता का पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि, उद्यान और दुग्ध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया।
अधिकारी और विभागीय प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में सीडीओ अशोक जोशी, पीडी डीआरडीए केवल कुमार उपाध्याय, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती जुयाल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, एआर सहकारिता सुमन कुमार और जिला मत्स्य प्रभारी अभिषेक मिश्रा सहित कृषि भूमि संरक्षण से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।

