हरिद्वार के बादशाहपुर किसान सेवा सहकारी समिति पर किसानों की ओर से लंबे समय से ऋण की अदायगी नहीं किए जाने का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। समिति से जुड़े करीब 700 किसानों पर कुल लगभग 6 करोड़ रुपये का ऋण बकाया है। इसमें करीब साढ़े 3 करोड़ रुपये मूलधन और ढाई करोड़ रुपये ब्याज की राशि शामिल है। लंबे समय से वसूली नहीं होने के कारण समिति की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।
बताया जा रहा है कि पिछले करीब 10 वर्षों से अधिकांश किसान समिति से लिए गए ऋण की नियमित अदायगी नहीं कर रहे हैं। इसका सीधा असर समिति की ऋण वितरण व्यवस्था पर पड़ा है। समिति के पास किसानों को दोबारा कर्ज देने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध नहीं है। वहीं, आर्थिक संकट के चलते कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलने में भी परेशानी हो रही है।
ऋण चुका चुके किसान भी परेशान
धारीवाला गांव निवासी किसान कृपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने समिति से लिया गया अपना पूरा ऋण चुका दिया है। अब उन्हें दोबारा ऋण की जरूरत है, लेकिन समिति की ओर से नया कर्ज नहीं दिया जा रहा है। किसान के मुताबिक, वह इस संबंध में कई बार समिति के चक्कर लगा चुके हैं।
समिति के सचिव अजय पाल सिंह ने बताया कि बकाया ऋण की वसूली के लिए समय-समय पर किसानों को नोटिस भेजे जाते हैं। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक से समिति की स्वीकृत ऋण सीमा पूरी हो चुकी है। इसी वजह से फिलहाल समिति किसानों को नया ऋण उपलब्ध कराने की स्थिति में नहीं है।
ब्याज माफी और OTS की मांग
समिति की आर्थिक स्थिति को देखते हुए अब ब्याज माफी और वन टाइम सेटलमेंट यानी OTS योजना लागू करने की मांग भी उठाई गई है। बादशाहपुर किसान सेवा सहकारी समिति की सभापति ज्योति चौहान ने पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर हरिद्वार जिले की सहकारी समितियों में ब्याज माफ करने और OTS योजना लागू करने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि समिति में कृषक ऋण के रूप में बड़ी राशि लंबे समय से बकाया है। इसके चलते एनपीए लगातार बढ़ रहा है। ज्ञापन के मुताबिक, कई ऋणी किसानों की मृत्यु भी हो चुकी है, जिससे बकाया ऋण की वसूली में परेशानी आ रही है।
सभापति ने कहा कि लगातार बढ़ते एनपीए का असर समिति के संचालन पर पड़ रहा है और सहकारी बैंक से स्वीकृत ऋण सीमा भी पूरी हो चुकी है। इसके कारण नए किसानों को ऋण उपलब्ध कराने में दिक्कत हो रही है। ज्ञापन के माध्यम से जनहित में सहकारी समितियों के बकाया ऋण पर ब्याज माफ करने और OTS योजना लागू करने की मांग की गई है।


