कोटद्वार में व्यापारी से हाथापाई और धमकी देने के आरोपी दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक को कोतवाली पुलिस ने एसडीएम न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को चेतावनी देते हुए जमानत पर रिहा कर दिया। शुक्रवार शाम एसडीएम कोर्ट से उसे दो जमानतियों के साथ डेढ़ लाख रुपये के मुचलके पर छोड़ा गया।
कोर्ट ने नोटिस जारी कर दी चेतावनी
मजिस्ट्रेट संदीप कुमार की अदालत ने आरोपी को नोटिस जारी करते हुए चेतावनी दी कि अगले छह महीनों के दौरान यदि वह कानून-व्यवस्था से जुड़ी किसी गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है या किसी घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है, तो उसके खिलाफ अर्थदंड समेत अन्य कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
मामले को लेकर बुधवार शाम नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के बैनर तले बड़ी संख्या में व्यापारियों ने कोतवाली में धरना दिया था। व्यापारियों का आरोप था कि जिम संचालक दीपक पहले भी क्षेत्र में विवाद और अशांति का कारण रहा है। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि उसने गंगादत्त जोशी मार्ग स्थित एक गारमेंट्स कारोबारी संजीव टांक के साथ हाथापाई की और उन्हें धमकी भी दी।
सोशल मीडिया पोस्ट पर शुरू हुआ विवाद
बताया गया कि मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के दौरान मस्जिद के एक हिस्से को हटाए जाने से जुड़े घटनाक्रम की एक पोस्ट दीपक ने सोशल मीडिया पर साझा की थी। इसी पोस्ट पर कारोबारी संजीव टांक ने टिप्पणी की थी। आरोप है कि टिप्पणी से नाराज होकर दीपक संजीव के प्रतिष्ठान पर पहुंचा और वहां उनके साथ विवाद करते हुए कथित तौर पर हाथापाई और धमकी दी।
व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि दीपक ने अन्य मुस्लिम व्यापारियों को संजीव टांक के खिलाफ भड़काने की कोशिश की। मामले के बाद व्यापारियों ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कोतवाली में धरना दिया था।
SDM कोर्ट में किया गया पेश
पुलिस ने मामले में आरोपी को एसडीएम न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे दो जमानतियों और डेढ़ लाख रुपये के मुचलके पर रिहा कर दिया गया। अदालत ने साथ ही अगले छह महीने तक कानून-व्यवस्था से जुड़ी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होने की चेतावनी दी है।


