उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर खींचतान की खबरों के बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को कांग्रेस को एक संदेश दिया. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि गठबंधन में सबसे महत्वपूर्ण सीटों की संख्या नहीं, बल्कि चुनाव में गठबंधन की जीत है.
अखिलेश यादव ने अपने X हैंडल पर लिखा, “मकसद जब साफ हो तो हाथ में हाथ होता है, निगाह मंजिल पर हो तो सफर आसान होता है.” उन्होंने कहा कि बड़ी बात यह नहीं है कि गठबंधन में कितनी सीटें या कौन सी सीट किसके पास जा रही है. महत्वपूर्ण यह है कि सभी दल यह सुनिश्चित करें कि जीत गठबंधन की हो.
‘आरक्षण पर भाजपाई आंच न आए’
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि बात सीट की नहीं, जीत की है. उन्होंने कहा कि यह जीत गठबंधन के दलों से आगे बढ़कर उस संयुक्त कोशिश की जीत होगी, जिसका उद्देश्य सांप्रदायिकता को दोबारा सिर नहीं उठाने देना है.
उन्होंने लोकतंत्र, संविधान और आरक्षण की रक्षा का भी मुद्दा उठाया. अखिलेश ने कहा कि देश में सौहार्द कायम रहे और तरक्की व खुशहाली का माहौल बने, इसके लिए सभी को मिलकर संघर्ष करना होगा.
कांग्रेस बोली- सीट बंटवारे पर कोई विवाद नहीं
अखिलेश यादव के बयान पर कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि जीत की बात सही है और सपा के साथ सीटों के बंटवारे को लेकर कोई विवाद नहीं है.
उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगा. जिस क्षेत्र में जिस पार्टी के उम्मीदवार के जीतने की संभावना अधिक होगी, वहां उसी पार्टी का सिंबल होगा. कितनी सीटों पर कौन सी पार्टी चुनाव लड़ेगी, इसका फैसला दोनों दलों के शीर्ष नेता करेंगे.
बीजेपी ने गठबंधन पर साधा निशाना
सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर चल रही चर्चा पर बीजेपी ने भी हमला बोला. बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव कांग्रेस को उसकी राजनीतिक हैसियत के हिसाब से सीटों की मांग करने का संदेश दे रहे हैं.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार 150 से 200 सीटों की मांग कर रही है, जबकि अखिलेश यादव उसे उसकी जीत की क्षमता के हिसाब से सीट मांगने का संकेत दे रहे हैं. राकेश त्रिपाठी ने सपा-कांग्रेस गठबंधन में वैचारिक मतभेद होने का दावा करते हुए कहा कि दोनों दलों के बीच सहमति बनाना मुश्किल दिखाई दे रहा है.

