चमोली: Hemkund Sahib यात्रा शुरू होने से पहले भारतीय सेना के जवान और गुरुद्वारा के सेवादार कठिन परिस्थितियों में बर्फ हटाकर धाम तक पहुंच गए हैं। हेमकुंड पहुंचते ही जवानों ने सबसे पहले गुरुद्वारे के समक्ष अरदास कर आस्था प्रकट की।
यात्रा मार्ग से बर्फ हटाने के लिए सेना की 418 इंडिपेंडेंट फील्ड यूनिट, 9वीं माउंटेन ब्रिगेड और गुरुद्वारा के सेवादार कुछ दिन पहले ही रवाना हुए थे। टीम ने रास्ते में सबसे बड़ी बाधा माने जाने वाले अटलाकोटी हिमखंड को काटकर आगे बढ़ते हुए हेमकुंड साहिब तक पहुंच बनाई।
23 मई से शुरू होगी यात्रा
हेमकुंड साहिब की वार्षिक यात्रा 23 मई से शुरू होने जा रही है। इसके मद्देनजर मार्ग को सुचारु बनाने के लिए बर्फ हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
विषम परिस्थितियों में सेवा
गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि सेना के जवान और सेवादार बेहद कठिन मौसम में लगातार काम कर रहे हैं।
पिछले दो दिनों से क्षेत्र में लगातार बर्फबारी हो रही थी, बावजूद इसके टीम ने अपना कार्य जारी रखा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तैयारियां तेज
अब जवान हेमकुंड साहिब में रहकर आस्था पथ से बर्फ हटाने का कार्य करेंगे। इससे यात्रा मार्ग सुरक्षित और सुगम बनेगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।
यह अभियान न सिर्फ समर्पण और सेवा का उदाहरण है, बल्कि आस्था और कर्तव्य के प्रति सेना के जज्बे को भी दर्शाता है।


