उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज सचिवालय में कैबिनेट की जरूरी बैठक होगी. आने वाले विधानसभा बजट सत्र को देखते हुए यह बैठक बहुत अहम मानी जा रही है.
इस बैठक में बजट सत्र के दौरान सदन में रखे जाने वाले कई बिलों और सालाना रिपोर्टों को मंजूरी मिल सकती है. इसके अलावा मधुमक्खी पालन (बी-कीपिंग) से जुड़ी नई नीति को भी हरी झंडी मिलने की संभावना है.
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में स्थित विधानसभा भवन में 9 मार्च से बजट सत्र शुरू होने वाला है. यह सत्र राज्य सरकार के लिए बहुत अहम होता है, क्योंकि इसी दौरान आने वाले साल का बजट पेश किया जाता है और कई जरूरी मुद्दों पर चर्चा होती है.
बजट सेशन से पहले अहम फैसले
बजट सत्र शुरू होने से पहले सरकार कैबिनेट की बैठक करती है. इस बैठक में अलग-अलग विभागों की सालभर की रिपोर्ट को मंजूरी दी जाती है. इन रिपोर्टों में बताया जाता है कि विभाग ने पूरे साल में क्या काम किए, कितनी योजनाएं लागू कीं और क्या उपलब्धियां हासिल कीं.
इन रिपोर्ट्स को विधानसभा में पेश करने से पहले मंत्रिमंडल की अनुमति लेना जरूरी होता है. इसलिए यह कैबिनेट बैठक अहम मानी जा रही है, ताकि सभी जरूरी दस्तावेज समय पर तैयार होकर बजट सत्र में रखे जा सकें.
UCC को सदन में पेश करने पर चर्चा
इसके अलावा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) संशोधन विधेयक को सदन में पेश करने की अनुमति पर भी विचार हो सकता है. प्रस्तावित संशोधन में कुछ अपराधों के लिए दंड की अवधि निर्धारित किए जाने का प्रावधान शामिल है.
पिछले साल आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों के 243 पदक विजेताओं को अब तक नौकरी नहीं मिल पाई है. ऐसे में कैबिनेट बैठक में उन्हें आउट ऑफ टर्न नियुक्ति देने के प्रस्ताव पर भी निर्णय लिया जा सकता है. साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट के प्रारूप पर भी चर्चा होने की संभावना है. सरकार की ओर से विभिन्न वर्गों से किए गए संवाद से प्राप्त सुझावों को बजट में शामिल करने पर भी विचार किया जा सकता है.
कई प्रस्ताव पर चर्चा
बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा विभाग से जुड़े अहम प्रस्तावों के साथ-साथ संशोधित नियमावलियों को भी मंजूरी मिल सकती है. आगामी चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा में तैनात किए जाने वाले डॉक्टरों के लिए अलग कैडर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है. बॉन्डधारी डॉक्टरों के पीजी पाठ्यक्रम के लिए अध्ययन नीति पर भी चर्चा संभव है.
इसके अतिरिक्त, पर्यटन विभाग की नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव पर भी मुहर लग सकती है, ताकि राज्य में निवेश को प्रोत्साहन मिले और नए पर्यटन स्थलों (tourist place) का विकास किया जा सके.


