मानसून से पहले अलर्ट मोड में प्रशासन. विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी ने किया नदियों का निरीक्षण
कोटद्वार. मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और आपदा के खतरे को देखते हुए उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने गुरुवार को मालन, सुखरौ और खोह नदियों का स्थलीय निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने नदी तटों, कटाव प्रभावित क्षेत्रों और जल निकासी व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
संवेदनशील क्षेत्रों का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने नदी किनारे बसे इलाकों, पुलों, संपर्क मार्गों और कटाव प्रभावित स्थानों का निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारियों से मानसून के दौरान संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की जानकारी ली और समय रहते सभी सुरक्षा इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए.
कटाव और जलभराव वाले क्षेत्रों में तुरंत कार्रवाई के निर्देश
ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा कि जहां भी कटाव, जलभराव या बाढ़ का खतरा है, वहां तत्काल सुरक्षात्मक कार्य किए जाएं. उन्होंने नदी क्षेत्रों की नियमित निगरानी, जल प्रवाह में बाधा दूर करने और संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड व बैरिकेडिंग लगाने के निर्देश भी दिए.
आपदा प्रबंधन को बताया सरकार की प्राथमिकता
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है. जनधन की सुरक्षा सरकार की पहली जिम्मेदारी है और सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ पूरी सतर्कता से काम करना चाहिए.
राहत और बचाव संसाधन रखें तैयार
विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों से कहा कि आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी संसाधन और मशीनरी पूरी तरह तैयार रखी जाए. साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके.
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी कोटद्वार सोहन सिंह, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार राठौर सहित सिंचाई, वन विभाग और प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे.


