एक्ट्रेस और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने नीट पेपर लीक को लेकर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व वाले छात्र आंदोलन पर निशाना साधा है. उन्होंने प्रदर्शन के दौरान छात्रों की पिटाई और विरोध की घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हर कार्रवाई का बराबर और विपरीत असर होता है. उनके मुताबिक, अगर कोई सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाएगा या अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करेगा, तो उसे उसका जवाब भी सुनना पड़ेगा.
‘बोलोगे तो सुनना भी पड़ेगा’
कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा कि जो प्रदर्शनकारी सड़क पर लोगों के गुस्से का सामना कर रहे हैं, उन्हें समझना चाहिए कि अगर वे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं या देश और नेतृत्व के खिलाफ अपशब्द बोलते हैं, तो देश और सरकार का समर्थन करने वाले लोगों को भी अपनी बात कहने का अधिकार है.
उन्होंने लिखा, “Every action has an equal and opposite reaction.” साथ ही कहा कि अगर पढ़ाई के दौरान कारण और परिणाम (Cause and Effect) नहीं समझ आया, तो अब जरूर समझ में आ जाएगा.
‘प्रदर्शन की भाषा और तरीका बेहद आपत्तिजनक’
इससे पहले भी कंगना ने छात्र आंदोलन की आलोचना करते हुए कहा था कि उन्होंने अपनी जिंदगी में एक जगह पर इतनी अभद्रता कभी नहीं देखी. उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे प्रदर्शनकारियों के वीडियो और रील्स को लेकर कहा कि उनमें इस्तेमाल की गई भाषा और व्यवहार बेहद असभ्य और आपत्तिजनक है.
उन्होंने लिखा कि भारत विविधता, संस्कृति और शालीनता वाला देश है, लेकिन इन वीडियो को देखकर उन्हें काफी निराशा हुई और उन्हें “डिजिटल डिटॉक्स” की जरूरत महसूस हुई.
छात्र आंदोलन ने बटोरी थी सुर्खियां
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों तक छात्र आंदोलन चला. 20 जुलाई को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे, जिसके बाद यह आंदोलन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया.
सोशल मीडिया पर प्रदर्शन से जुड़े कई वीडियो और रील्स वायरल हुए, जिनमें छात्र प्रदर्शन के दौरान नारे लगाते, मीम्स बनाते और अपने अनुभव साझा करते नजर आए.
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद खत्म हुआ धरना
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा धरना समाप्त कर दिया गया. CJP नेताओं ने दावा किया कि सरकार ने उनकी अन्य प्रमुख मांगों पर भी सहमति जताई है. इस्तीफे के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद छात्रों और समर्थकों ने जश्न मनाया और तिरंगा लहराकर अपनी खुशी जाहिर की.


