उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य में मदरसा बोर्ड को भंग किया जाएगा. आगामी शैक्षणिक सत्र से मदरसों में अलग पाठ्यक्रम समाप्त कर दिया जाएगा.
सीएम धामी के अनुसार, अब राज्य के सभी मदरसों में उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा बोर्ड का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा. इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता लाना और छात्रों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना है.
नियम नहीं मानने पर कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो मदरसे नए नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. जरूरत पड़ने पर ऐसे मदरसों को बंद भी किया जा सकता है.
शिक्षा सुधार पर सरकार का फोकस
सीएम धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य छात्रों को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी शिक्षा देना है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें. एक समान पाठ्यक्रम से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद जताई गई है.
कब से लागू होगा फैसला
राज्य सरकार के अनुसार, 1 जुलाई 2026 से यह नया सिस्टम लागू किया जाएगा. इसके बाद सभी मदरसे राज्य की नई शिक्षा व्यवस्था के तहत संचालित होंगे.


