काठमांडू: नेपाल में बुधवार, 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। तिब्बत की ओर से आए अचानक तेज जलप्रवाह के बाद भोटे कोशी नदी उफान पर आ गई और कई इलाकों में पानी ने भारी नुकसान पहुंचाया। बाढ़ में अब तक 8 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 105 भारतीय नागरिकों समेत कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर नेपाल के रसुवा जिले में देखने को मिला। तिमुरे और स्याफ्रुबेसी समेत कई इलाकों में घर, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे पानी की तेज धारा में बह गए। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 19 पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं।
तिब्बत से आया तेज पानी, भोटे कोशी नदी में बढ़ा जलस्तर
अधिकारियों के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की तरफ से पानी का तेज बहाव भोटे कोशी नदी में आया। इसके बाद नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और आसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पानी का भयावह रूप दिखाई दे रहा है। एक वीडियो में तेज बहाव के कारण एक पुल पानी में बहता नजर आ रहा है, जबकि दूसरे वीडियो में बाढ़ का पानी कई घरों को अपनी चपेट में लेता दिख रहा है। घटनास्थल से लोगों के चीखने-चिल्लाने की आवाजें भी सुनाई दे रही हैं।
105 भारतीय लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
इस आपदा में 105 भारतीय नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। नेपाल सरकार ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। हालांकि, कई क्षेत्रों में पानी का बहाव बेहद तेज होने के कारण हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू में भी मुश्किलें आ रही हैं।
रसुवा के मुख्य जिला अधिकारी नरेंद्र परियार के मुताबिक, कई गांव और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट बाढ़ में बह गए हैं। नुकसान का पूरा आकलन अभी नहीं हो पाया है और बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की आशंका जताई जा रही है।
रसुवागढ़ी का फ्रेंडशिप ब्रिज भी बहा
तिब्बत सीमा के पास स्थित तिमुरे बाजार और कस्टम क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा है। कई वाहन और सामान पानी में बह गए। रसुवागढ़ी में बना फ्रेंडशिप ब्रिज भी बाढ़ की चपेट में आकर बह गया। इसे पिछले साल की विनाशकारी बाढ़ के बाद दोबारा बनाया गया था।
बाढ़ से सड़क और पुलों के अलावा कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी प्रभावित हुए हैं। नेपाल के ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, करीब 430 मेगावाट बिजली की सप्लाई प्रभावित हुई है।
नेपाल आर्म्ड पुलिस फोर्स के 9 जवान लापता
नेपाल पुलिस के मुताबिक बाढ़ से तीन पुलिस ठिकानों को नुकसान पहुंचा है। इनमें तिमुरे का एरिया पुलिस ऑफिस, स्याफ्रुबेसी पुलिस पोस्ट और रसुवागढ़ी पुलिस पोस्ट शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, तिब्बत सीमा के पास तिमुरे में तैनात नेपाल आर्म्ड पुलिस फोर्स के 9 जवान भी लापता हैं। उनकी तलाश के लिए अभियान जारी है।
बिहार में भी बढ़ाई गई सतर्कता
नेपाल में बाढ़ के बाद भारत के बिहार में भी प्रशासन अलर्ट हो गया है। नेपाल से नीचे की ओर आने वाले पानी को देखते हुए गंडक और कोसी नदी से जुड़े जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने जिला अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर स्थिति की समीक्षा की और संबंधित जिलों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए।
नदी किनारे रहने वालों को सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील
रसुवा की भोटे कोशी नदी का बाढ़ का पानी नारायणी नदी के देवघाट तक पहुंच गया है और जलस्तर बढ़ रहा है। प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों और बाजारों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
नेपाल के गृह मंत्री सुदान गुरूंग ने भी भोटे कोशी और त्रिशूली नदी के किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है।
पिछले साल भी आई थी विनाशकारी बाढ़
भोटे कोशी नदी तिब्बत से निकलकर नेपाल में बहती है और आगे चलकर त्रिशूली नदी प्रणाली का हिस्सा बनती है। यह नदी तंत्र आगे भारत में गंडक नदी से जुड़ता है।
इस क्षेत्र में पिछले साल भी भीषण बाढ़ आई थी, जिसमें 9 लोगों की मौत और 24 लोग लापता हुए थे। उस दौरान नेपाल और चीन को जोड़ने वाला एक पुल भी बह गया था, जिससे कई महीनों तक दोनों देशों के बीच व्यापार और आवाजाही प्रभावित रही थी।
फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।


