जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने मंगलवार को श्रीनगर तहसील सभागार में आयोजित तहसील दिवस में जनसुनवाई करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. जनसुनवाई के बाद उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों को श्रीनगर स्थित अपने-अपने विभागीय कार्यालयों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए. इसके बाद जिलाधिकारी ने स्वयं तहसील कार्यालय का विस्तृत निरीक्षण किया.
पेयजल और सिंचाई से जुड़ी शिकायतों पर दिए निर्देश
जनसुनवाई के दौरान ग्राम प्रधान बछेली कुलदीप गुसाईं ने सुमाड़ी में निर्माणाधीन डंपिंग जोन से अमधार तल्ली के पेयजल स्रोत की गुणवत्ता प्रभावित होने की शिकायत दर्ज कराई. इस पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान, निर्माणदायी संस्था और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम बनाकर तत्काल स्थलीय निरीक्षण और समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
बलडी तोक में आपदा से क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर की शिकायत पर उन्होंने दो दिन के भीतर संयुक्त निरीक्षण कर पुनर्निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने को कहा. वहीं वार्ड-40 में प्रस्तावित खेल मैदान और विद्युत उपसंस्थान के लिए भूमि हस्तांतरण के मामले में यूपीपीसीएल और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए.
लंबित मामलों पर जताई नाराजगी
तहसील कार्यालय के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एसडीएम और तहसीलदार न्यायालय में लंबित राजस्व एवं फौजदारी मामलों की समीक्षा की. उन्होंने निर्देश दिए कि जिन मामलों में बार-बार सुनवाई के बावजूद प्रगति नहीं हो रही है, उनका नियमानुसार शीघ्र निस्तारण किया जाए. एक ही कार्य के लिए 15-15 तारीखें दिए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि अनावश्यक रूप से मामलों को लंबित रखना स्वीकार नहीं किया जाएगा.
अभिलेखों और राजस्व वसूली की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तहसील कार्यालय के विभिन्न अनुभागों का जायजा लिया. नजारत अनुभाग में अभिलेखों के रखरखाव में कमियां मिलने पर नायब नजीर से स्पष्टीकरण मांगा गया. संग्रह अनुभाग में राजस्व वसूली की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कम वसूली करने वाले अमीनों का वेतन रोकने और लंबित वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए. उन्होंने भूलेख अनुभाग और रिकॉर्ड रूम का भी निरीक्षण कर अभिलेखों का रखरखाव पूरी पारदर्शिता के साथ करने को कहा.
आपदा कंट्रोल रूम की भी जांच
जिलाधिकारी ने जिला आपदा परिचालन केंद्र का निरीक्षण कर स्वयं फोन के माध्यम से संचार व्यवस्था की जांच की. उन्होंने सभी उपकरणों को पूरी तरह कार्यशील रखने, 24×7 सतर्कता बनाए रखने, संपर्क सूची नियमित रूप से अपडेट करने और किसी भी तकनीकी कमी को तत्काल दूर करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए.


