बॉलीवुड की चर्चित फिल्म ‘3 इडियट्स’ को लेकर अभिनेता आमिर खान और क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के बीच बयानबाजी एक बार फिर सुर्खियों में है। जुलाई में आमिर खान ने फिल्म बनाते समय सोनम वांगचुक को जानने से इनकार किया था। उन्होंने यह भी कहा था कि फिल्म उनके जीवन पर आधारित नहीं थी। इसके कुछ घंटों बाद आमिर और सोनम की 2008 में मुलाकात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था।
सोनम वांगचुक ने आमिर खान पर कसा तंज
अब एक पॉडकास्ट में सोनम वांगचुक ने आमिर के पुराने बयान पर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि जब आमिर ने कहा कि दोनों की मुलाकात नहीं हुई थी, तब बाद में कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें आमिर उन्हें भाषण देते हुए देख रहे थे और उस दौरान वह ‘गजनी’ वाले लुक में थे।
सोनम ने मजाकिया अंदाज में कहा, “शायद वो गजनी आउटफिट में थे, तो शॉर्ट-टर्म मेमोरी लॉस हुआ होगा। 15 मिनट बाद भूल गए होंगे।” उन्होंने आगे कहा कि उन्हें आमिर के बयान से हैरानी नहीं हुई, क्योंकि असल में दोनों काफी विस्तार से मिले और कई मुद्दों पर बातचीत भी हुई थी।
‘3 इडियट्स’ के किरदार से प्रेरणा लेने पर क्या बोले सोनम?
सोनम ने कहा कि वह यह नहीं कहेंगे कि आमिर खान ने उनकी बायोग्राफी बनाई या फिल्म सीधे उन्हीं पर आधारित थी। उनके मुताबिक, इसे प्रेरणा (inspiration) कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि फिल्म की अपनी स्क्रिप्ट थी और संभव है कि बातचीत के दौरान आमिर को कोई विचार मिला हो, जिसे बाद में कहानी में शामिल किया गया हो।
सोनम ने यह भी कहा कि इस बात से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता और अब इस मामले को जाने देना चाहिए।
आमिर खान ने क्या कहा था?
ब्रिटिश फिल्म इंस्टीट्यूट (BFI) में बातचीत के दौरान जब आमिर खान से सोनम वांगचुक और उनके आंदोलन के बारे में पूछा गया था, तो उन्होंने कहा था कि ‘3 इडियट्स’ बनाते समय वह सोनम को नहीं जानते थे।
आमिर ने इसे एक गलतफहमी बताते हुए कहा था कि न तो वह, न निर्देशक राजकुमार हिरानी और न ही लेखक अभिजात जोशी उस समय सोनम वांगचुक के बारे में जानते थे। हालांकि, उन्होंने सोनम के काम की तारीफ करते हुए कहा था कि उनके काम का सम्मान करने के लिए यह जरूरी नहीं है कि उनका किरदार ‘3 इडियट्स’ पर आधारित हो।
क्यों खास है ‘3 इडियट्स’?
राजकुमार हिरानी के निर्देशन में बनी ‘3 इडियट्स’ साल 2009 में रिलीज हुई थी। फिल्म में आमिर खान, आर. माधवन, शरमन जोशी, करीना कपूर खान और बोमन ईरानी मुख्य भूमिकाओं में थे।
फिल्म इंजीनियरिंग कॉलेज के तीन दोस्तों—रैंचो, फरहान और राजू—की कहानी है। फिल्म ने पढ़ाई के दबाव, नंबरों की दौड़, परिवार की उम्मीदों और युवाओं के सपनों जैसे मुद्दों को बेहद प्रभावी तरीके से दिखाया था। रिलीज के बाद फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों दोनों की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और यह अपने समय की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्मों में शामिल हुई।


