उत्तराखंड के गूलरभोज क्षेत्र में कोपा ठंडा नाला स्थित हरिपुरा जलाशय की डाउन स्ट्रीम में सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. यहां एक मस्जिद और दो मजारों के निर्माण को अवैध बताते हुए उन्हें हटाने के निर्देश दिए गए हैं.
दो दिन का अंतिम अल्टीमेटम
प्रशासन की ओर से संबंधित पक्षकारों को दो दिन के भीतर इन धार्मिक संरचनाओं को स्वयं हटाने का अंतिम मौका दिया गया है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर बुलडोजर चलाकर ढांचे ध्वस्त कर दिए जाएंगे.
साक्ष्य पेश करने का मौका
अधिकारियों ने संबंधित लोगों से कहा है कि यदि उनके पास भूमि से जुड़े कोई वैध दस्तावेज, साक्ष्य या न्यायालय का आदेश है, तो वे निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत करें. यदि ऐसा नहीं किया गया, तो प्रशासन बिना किसी देरी के कार्रवाई करेगा.
18 अप्रैल तय की गई डेडलाइन
एसडीएम ऋचा सिंह के नेतृत्व में सिंचाई विभाग और तहसील प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोबारा नोटिस चस्पा किया. इसमें 18 अप्रैल तक अतिक्रमण हटाने की अंतिम तिथि तय की गई है.
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
यह कार्रवाई कोई पहली बार नहीं हो रही है. इससे पहले 29 नवंबर 2025 को प्रशासन ने पहले चरण में बुलडोजर अभियान चलाकर 24 कच्चे निर्माणों को ध्वस्त किया था. इस दौरान करीब 1.13 हेक्टेयर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया था.
60 अतिक्रमण पहले ही चिन्हित
इसके बाद प्रशासन ने दूसरे चरण में कुल 60 अतिक्रमण चिन्हित किए थे, जिनमें चार धार्मिक स्थल भी शामिल थे. इन सभी को हटाने के लिए पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं. कुल मिलाकर लगभग 2.45 हेक्टेयर भूमि को खाली कराने की योजना बनाई गई है.
प्रशासन का सख्त संदेश
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की जा रही है और सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि तय समय सीमा के बाद सख्त कार्रवाई निश्चित है.


