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जंतर-मंतर पर पेपर लीक के दावे करने वाले सस्पेंड कांस्टेबल पर कसेगा शिकंजा, उत्तराखंड पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई

Mintwire by Mintwire
26/07/2026
in उत्तराखंड, एजुकेशन, देश
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जंतर-मंतर पर ‘इस्तीफे’ का ड्रामा, वर्दी पहनकर पहुंचा सस्पेंड कांस्टेबल… उत्तराखंड पुलिस ने खोल डाला पूरा चिट्ठा

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक को लेकर दिए गए बयानों के बाद उत्तराखंड पुलिस के निलंबित कांस्टेबल शेर सिंह कानूनी और विभागीय कार्रवाई के घेरे में आ गए हैं। उत्तराखंड पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शेर सिंह पहले से ही निलंबित हैं और उनके खिलाफ बर्खास्तगी की प्रक्रिया पहले से चल रही है। अब जंतर-मंतर पर दिए गए उनके बयानों को लेकर भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में शेर सिंह कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में शामिल होकर मंच से परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर सरकार पर सवाल उठाते नजर आए। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने दावा किया कि लीक हुए प्रश्नपत्र किराना दुकानों तक में उपलब्ध होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब वह नेताओं के लिए नहीं, बल्कि जनता के लिए काम करना चाहते हैं।

CJP को दिया समर्थन, मंच से उतारा पुलिस बैज

प्रदर्शन के दौरान शेर सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी को समर्थन देने का ऐलान किया और पुलिस सेवा छोड़ने की घोषणा करते हुए अपना बैज उतारकर पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को सौंप दिया। उन्होंने कहा, “अगर न्याय के लिए आवाज उठाना बगावत है, तो मैं बागी हूं। मैं CJP और जनता के साथ हूं।”

पहले से चल रही थी बर्खास्तगी की प्रक्रिया

उत्तराखंड पुलिस के अनुसार, शेर सिंह वर्ष 2025 से एक गंभीर आपराधिक मामले में आरोपी हैं और उसी मामले में उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई चल रही है। पुलिस का कहना है कि वह लंबे समय से सक्रिय सेवा में नहीं थे।

कुमाऊं रेंज की आईजी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि शेर सिंह 28 जून 2026 से बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित थे। नोटिस का जवाब न मिलने पर उन्हें 20 जुलाई 2026 को निलंबित कर दिया गया था।

गंभीर आरोपों का भी सामना

पुलिस के मुताबिक, शेर सिंह पर कुख्यात अपराधियों के साथ मिलकर संगठित अपराध में शामिल होने के आरोप हैं। उन पर लोगों को डराकर जमीनों पर कब्जा करने और विवादित संपत्तियों से अवैध लाभ कमाने का आरोप है। इस मामले में वर्ष 2025 में हरिद्वार में एफआईआर दर्ज हुई थी। 15 सितंबर 2025 को उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और फिलहाल वह जमानत पर बाहर हैं।

पुलिस का यह भी आरोप है कि कांस्टेबल रहते हुए उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया। विभाग का कहना है कि जंतर-मंतर पर दिए गए बयानों और वायरल वीडियो के आधार पर अब उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

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