Saturday, April 18, 2026
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
mintwire
  • होम
  • देश
  • राज्य
  • एजुकेशन
  • स्पोर्ट्स
  • उत्तराखंड
  • ब्लॉग
  • मौसम
No Result
View All Result
  • होम
  • देश
  • राज्य
  • एजुकेशन
  • स्पोर्ट्स
  • उत्तराखंड
  • ब्लॉग
  • मौसम
No Result
View All Result
mintwire
No Result
View All Result
  • होम
  • देश
  • राज्य
  • एजुकेशन
  • स्पोर्ट्स
  • उत्तराखंड
  • ब्लॉग
  • मौसम

महिला आरक्षण बिल पर बवाल… क्या है delimitations?  परिसीमन पर केरल के विपक्ष का केंद्र पर तीखा हमला

Mintwire by Mintwire
16/04/2026
in देश, राज्य
0

केरल के विपक्षी नेताओं ने गुरुवार 16 अप्रैल 2026 को संसद में पेश होने वाले महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के परिसीमन प्रावधानों पर कड़ा विरोध जताया. उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया.

आरक्षण का समर्थन, लेकिन परिसीमन का विरोध

विपक्ष के नेताओं, जिनमें कांग्रेस के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, यूडीएफ सांसद एन.के. प्रेमचंद्रन और सीपीआई नेता एनी राजा शामिल हैं, ने कहा कि वे महिलाओं को आरक्षण देने के पक्ष में हैं, लेकिन इसके साथ जो परिसीमन की शर्त जोड़ी जा रही है, उसे वे स्वीकार नहीं करेंगे.

वेणुगोपाल बोले. प्रावधानों को हर हाल में रोकेंगे

के.सी. वेणुगोपाल ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वे इस बिल के परिसीमन वाले प्रावधानों को हर हाल में रोकेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रावधान लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने के लिए लाए जा रहे हैं.

सरकार पर उठाए सवाल

उन्होंने सवाल उठाया कि जब 2023 में महिला आरक्षण बिल पास हो गया था, तो अब तक सरकार ने इसे लागू करने के लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया. उन्होंने कहा कि उस समय विपक्ष चाहता था कि 543 सीटों वाली मौजूदा लोकसभा में ही आरक्षण लागू किया जाए, लेकिन सरकार ने जनगणना और परिसीमन जैसी शर्तें जोड़ दीं.

केरल के साथ भेदभाव का आरोप

वेणुगोपाल ने कहा कि परिसीमन से केरल जैसे राज्यों की अनदेखी और बढ़ेगी. उन्होंने इसे एक छिपा हुआ जाल बताया और कहा कि इसके पीछे राजनीतिक एजेंडा साफ नजर आता है, खासकर जब दो राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.

असम और जम्मू-कश्मीर का उदाहरण

उन्होंने आरोप लगाया कि असम और जम्मू-कश्मीर में जिस तरह मनमाने तरीके से परिसीमन किया गया, उसी मॉडल को पूरे देश में लागू करने की कोशिश की जा रही है.

प्रेमचंद्रन का दावा. उत्तर भारत को ज्यादा फायदा

एन.के. प्रेमचंद्रन ने कहा कि अगर यह प्रावधान लागू हुआ, तो उत्तर भारत के राज्यों में 200 से ज्यादा सीटें बढ़ सकती हैं, जबकि दक्षिण भारत को केवल लगभग 60 सीटों का फायदा मिलेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि इससे भाजपा को उत्तर भारत के आधार पर भारी बहुमत मिल सकता है और दक्षिण भारत के राज्यों को कमजोर किया जाएगा.

एनी राजा ने बताया लोकतंत्र के लिए खतरा

सीपीआई नेता एनी राजा ने भी कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर यह बिल देश के लोकतंत्र और संघीय ढांचे को कमजोर करने की कोशिश है.

संसद का विशेष सत्र और बिल का लक्ष्य

गौरतलब है कि 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष तीन दिवसीय सत्र चल रहा है. इस दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन लाकर इसे 2029 से लागू करने की योजना है. इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है.

Tags: Annie RajaBJPCongressCPIDelimitationFederalism DebateIndia NewsIndian PoliticsKC VenugopalKerala OppositionNari Shakti Vandan ActNK PremachandranNorth vs South PoliticsParliament Session 2026Women Reservation Bill
Previous Post

सोनम बाजवा से अनुष्का शर्मा तक… उत्तराखंड से हैं ये बॉलीवुड स्टार्स

Next Post

उत्तराखंड में मौसम का बदला मिजाज, पांच जिलों में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट

Next Post

उत्तराखंड में मौसम का बदला मिजाज, पांच जिलों में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

mintwire
  • Facebook
  • Instagram
  • YouTube
  • WhatsApp
  • X
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.

No Result
View All Result
  • होम
  • देश
  • राज्य
  • एजुकेशन
  • स्पोर्ट्स
  • उत्तराखंड
  • ब्लॉग
  • मौसम

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.