नई दिल्ली. जंतर-मंतर पर चल रहे NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर छात्रों की मांगों पर संवेदनशीलता से विचार करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई की खबरें बेहद पीड़ादायक हैं. सरकार को इस असंतोष को कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि समाज की पीड़ा और अपेक्षाओं के रूप में देखना चाहिए.
‘शिक्षा मंत्री का इस्तीफा सरकार नहीं गिराएगा’
अन्ना हजारे ने अपने पत्र में कहा कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लिया जाता है तो इससे सरकार नहीं गिरेगी, बल्कि सरकार की जवाबदेही और प्रभावशीलता बढ़ेगी. उन्होंने सरकार से प्रदर्शनकारियों की बात धैर्यपूर्वक सुनने, विश्वास का माहौल बनाने और सकारात्मक संवाद के जरिए समाधान निकालने का आग्रह किया.
CJP ने पूर्व प्रवक्ता को हटाया
इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया को संगठन से हटा दिया है. दहिया ने कहा कि उन्हें इस फैसले से झटका लगा. उनके अनुसार, उन्हें लगा था कि वायरल वीडियो को लेकर उनका हालचाल पूछा जाएगा, लेकिन उन्हें प्रदर्शन में नहीं आने के लिए कहा गया.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दहिया कथित तौर पर उस समय बर्गर खाते नजर आए, जब ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी पुलिस की लाठीचार्ज और आंसू गैस का सामना कर रहे थे. CJP ने कहा कि उनका आचरण आंदोलन के मूल्यों और सिद्धांतों के अनुरूप नहीं था.
नसीरुद्दीन शाह ने छात्रों का किया समर्थन
वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने भी सरकार की आलोचना करते हुए छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया. इंस्टाग्राम पर जारी वीडियो में उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ हो रहा व्यवहार देखकर उनका दिल दुखी है और वे भीतर से गुस्से में हैं.
उन्होंने कहा कि छात्रों को हिम्मत नहीं हारनी चाहिए क्योंकि देश में बड़ी संख्या में लोग उनके साथ खड़े हैं. वहीं सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि “सब याद रखा जाएगा.”


