पौड़ी. कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और खाद्य गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए गढ़वाल मंडल प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. गुरुवार को आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में आयोजित मंडलीय समीक्षा बैठक में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग, वन विभाग, यूपीसीएल और क्षेत्रीय पुरातत्व विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई. इस दौरान अधिकारियों को सभी लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करने और जनहित से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए.
कांवड़ यात्रा में खाद्य गुणवत्ता पर विशेष निगरानी
आयुक्त ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान होटल, ढाबों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और रेट लिस्ट का अनिवार्य रूप से प्रदर्शन कराया जाए. उन्होंने कहा कि यदि कोई संस्था या व्यक्ति श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन, पेयजल या औषधियां वितरित करता है तो उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा की भी जांच की जाए. साथ ही खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए उत्पादक और पैकेजिंग इकाइयों की नियमित सैंपलिंग कर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
औषधि नियंत्रण और बिजली सुरक्षा पर भी सख्ती
बैठक में औषधि नियंत्रण विभाग को ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के 38 और एनडीपीएस एक्ट के 47 लंबित मामलों का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए गए. वहीं यूपीसीएल को पूरे गढ़वाल मंडल में ट्रांसफार्मरों, बिजली के पोल और झूलती या क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों का व्यापक सेफ्टी ऑडिट कराने को कहा गया. आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी विभाग बिजली बिलों का नियमित भुगतान करें और मार्च में एकमुश्त भुगतान की परंपरा समाप्त की जाए.
वन और पुरातत्व विभाग को भी दिए अहम निर्देश
आयुक्त ने वन विभाग को बरसात के मौसम में वनीकरण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए. वहीं पुरातत्व विभाग को संरक्षित धार्मिक स्थलों की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि उनके संरक्षण और विकास संबंधी कार्यों को आगे बढ़ाया जा सके.
बैठक में मुख्य वन संरक्षक आकाश वर्मा, अपर निदेशक अर्थ एवं संख्या गीतांजलि शर्मा, डिप्टी कमिश्नर खाद्य सुरक्षा आरएस रावत, एडीसी एफडीए डॉ. सुधीर कुमार, एमडी सिंह (यूपीसीएल), अनिरुद्ध सिंह बिष्ट, संरक्षण सहायक अनिल नेगी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.


