पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक के मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे, ताकि दोषियों को जल्द और कड़ी सजा मिल सके।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि युवाओं का भविष्य और उनका हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं।
‘युवाओं का भविष्य सबसे महत्वपूर्ण’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि युवाओं के भविष्य से बड़ा कुछ भी नहीं है। जो लोग छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट की स्थापना पेपर लीक रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कई कदमों में से एक है।
प्रधानमंत्री ने एनडीए संसदीय दल की बैठक में भी NEET-UG पेपर लीक को “घोर पाप” बताया था। उन्होंने कहा कि मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
राहुल गांधी का पलटवार
प्रधानमंत्री के ऐलान के कुछ ही देर बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सबसे ज्यादा मौजूदा सरकार ने ही नुकसान पहुंचाया है।
राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने, छात्रों से माफी मांगने और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करने वाले लोगों के खिलाफ कदम उठाने की मांग दोहराई।
पेपर लीक पर पहले भी उठाए थे सवाल
राहुल गांधी ने एक दिन पहले दावा किया था कि पिछले 10 वर्षों में 162 पेपर लीक के मामले सामने आए, लेकिन किसी भी मामले में दोषियों को सजा नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे देश की शिक्षा व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
विरोध प्रदर्शन के बीच आया फैसला
प्रधानमंत्री का यह ऐलान ऐसे समय आया है, जब दिल्ली में छात्र और विभिन्न संगठन पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों और शिक्षा सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। संसद के मानसून सत्र में भी विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
सरकार ने फिलहाल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को खारिज किया है, लेकिन संसद में NEET पेपर लीक और शिक्षा सुधार पर चर्चा कराने पर सहमति जताई है।


