संसद का मानसून सत्र बुधवार को हंगामे और विरोध-प्रदर्शनों के बीच खत्म हो गया। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। सत्र के आखिरी दिन भी विपक्षी सांसदों ने मकर द्वार पर प्रदर्शन किया। इसके बाद सदन में वंदे मातरम् का गायन हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे।
सत्र समाप्त होने के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद के कामकाज का आंकड़ा जारी किया। उन्होंने बताया कि मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में सिर्फ 19 फीसदी और राज्यसभा में 39 फीसदी कामकाज हुआ।
लोकसभा में 12 बिल पास
कम कामकाज के बावजूद लोकसभा में कुल 12 बिल पारित किए गए। हालांकि, इनमें से ज्यादातर विधेयकों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो सकी। रिजिजू के मुताबिक, लोकसभा में केवल एक बिल पर पूरी तरह चर्चा हुई, जो परीक्षा में पेपर लीक और अनुचित तरीकों पर रोक लगाने से जुड़ा था।
विपक्ष पर रिजिजू का हमला
रिजिजू ने आरोप लगाया कि विपक्ष के लगातार हंगामे और प्रदर्शन के कारण सदन में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि इसका नुकसान खास तौर पर नए सांसदों को हुआ, जिन्हें संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेने और सीखने का मौका मिलना चाहिए था।
सरकार और विपक्ष के बीच मानसून सत्र में कई मुद्दों पर लगातार टकराव देखने को मिला। अब इन मुद्दों के अगले शीतकालीन सत्र में भी उठने की संभावना है।


