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मुख्यमंत्री धामी ने हरिद्वार में आयोजित ‘संत सम्मेलन’ में किया प्रतिभाग

Mintwire by Mintwire
07/02/2026
in उत्तराखंड
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मुख्यमंत्री धामी ने हरिद्वार में आयोजित ‘संत सम्मेलन’ में किया प्रतिभाग

हरिद्वार : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार स्थित सप्तऋषि आश्रम मैदान में आयोजित ‘संत सम्मेलन’ में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सनातन चेतना के जीवंत प्रतीक सभी संत-महात्मा, धर्मगुरु एवं श्रद्धालुजन, माँ गंगा के पावन तट पर स्थित सप्तऋषि क्षेत्र में एकत्र होकर राष्ट्र और संस्कृति के लिए अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन महापुरुषों ने अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रधर्म, सेवा, त्याग और करुणा के लिए समर्पित किया, वे केवल संन्यासी नहीं बल्कि राष्ट्र चेतना से जुड़े दिव्य संत थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्यमित्रानंद गिरी महाराज ने आध्यात्मिक ज्ञान को सामाजिक सेवा से जोड़ते हुए ऐसा जीवन दर्शन प्रस्तुत किया, जिससे अनगिनत लोगों को सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिली। उन्होंने भारत माता मंदिर की स्थापना कर सनातन संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का कार्य किया, जो आज भी श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का केन्द्र बना हुआ है। वर्ष 1998 के कुंभ मेले में उन्हें आचार्य महामंडलेश्वर बनाया गया, जिसके बाद अब तक 10 लाख से अधिक नागा साधुओं को दीक्षा प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्यमित्रानंद गिरी महाराज की मूर्ति स्थापना नई पीढ़ी के लिए आध्यात्मिक जागरण का माध्यम बनेगी। संत परंपरा किसी एक पंथ या संप्रदाय तक सीमित न होकर वसुधैव कुटुंबकम के भाव से सम्पूर्ण विश्व को जोड़ने का कार्य करती है। सनातन धर्म मानव निर्मित नहीं, बल्कि शाश्वत सिद्धांतों पर आधारित है, जो समय के साथ चलता है और कभी पराजित नहीं होता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने धर्मांतरण विरोधी कानून, सख्त दंगारोधी कानून, तथा लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी जिहादी मानसिकताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों के लिए समान कानून की स्थापना की गई है। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने हेतु सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 28 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक उत्थान का नया युग प्रारंभ हुआ है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण तथा बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान जैसे कार्य भारत को पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हरिद्वार में गंगा तट पर स्थित भारत माता मंदिर देश की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि भारत में बीते वर्षों में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है। उन्होंने कहा कि संत समाज भारतीय संस्कृति को सुदृढ़ करने और देश को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य कर रहा है।

बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि संतों का सान्निध्य जीवन के दुखों का समाधान है। भारत की पहचान सनातन संस्कृति से है।

कार्यक्रम में शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज, योग गुरु बाबा रामदेव सहित बड़ी संख्या में साधु-संत, जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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