1 अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ केंद्र और राज्य सरकारों ने कई अहम बदलाव लागू कर दिए हैं. इन बदलावों का सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की सुविधाओं पर पड़ेगा. खासतौर पर प्रॉपर्टी, शराब, टैक्स और ट्रैवल से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं.
उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद और लखनऊ जैसे शहरों में नए सर्कल रेट लागू कर दिए गए हैं. इसके चलते अब प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री पहले के मुकाबले महंगी हो गई है. वहीं परिवहन विभाग ने व्यावसायिक वाहनों के लिए नेशनल परमिट की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है, जिससे अब होम डिस्ट्रिक्ट के बाहर भी परमिट रिन्यू कराना आसान हो गया है.
जमीन-मकान खरीदना महंगा
नगर निगमों ने 1 अप्रैल से सेल्फ-असेसमेंट न करने वालों पर जुर्माने को और सख्त कर दिया है. इसका उद्देश्य टैक्स कलेक्शन को बेहतर बनाना है.
उत्तराखंड में देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी जैसे शहरों में सर्कल रेट में 9% से 22% तक की बढ़ोतरी की गई है. इससे जमीन और मकान खरीदना महंगा हो गया है. साथ ही देहरादून और मसूरी में बाहरी राज्यों के वाहनों पर ग्रीन सेस की नई दरें लागू हो गई हैं, जिससे पर्यटन खर्च बढ़ सकता है.
राज्य में अब प्रॉपर्टी रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है. इससे लोगों को तहसील के चक्कर लगाने और लंबी लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसके अलावा होटल और होमस्टे खोलने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है, जिससे कारोबार शुरू करना आसान होगा.
घूमना फिरना होगा महंगा
हिमाचल प्रदेश में भी 1 अप्रैल से नई टोल पॉलिसी लागू हो गई है. बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर एंट्री टैक्स में भारी बढ़ोतरी की गई है. निजी वाहनों के लिए यह शुल्क 70 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है. वहीं कमर्शियल बसों और भारी वाहनों पर भी शुल्क बढ़ाया गया है. इससे शिमला और मनाली जैसे पर्यटन स्थलों पर घूमना महंगा हो सकता है.
शराब की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिल रहा है. उत्तराखंड में नई आबकारी नीति लागू होने के बाद विदेशी शराब और बीयर पर 10% से 15% तक की बढ़ोतरी हो सकती है. वहीं हिमाचल प्रदेश में भी नई नीति के तहत शराब की कीमतों में 20 से 150 रुपये प्रति बोतल तक का इजाफा संभव है.
प्रॉपर्टी टैक्स सिस्टम में बदलाव
दिल्ली में नगर निगम और NDMC क्षेत्रों में प्रॉपर्टी टैक्स सिस्टम में बदलाव किया गया है. यूनिट एरिया मेथड लागू होने से खुद के रहने वाली संपत्तियों पर टैक्स का बोझ 30% से 50% तक कम हो सकता है. साथ ही बिल्डिंग प्लान की मंजूरी की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है.
हरियाणा में डिजिटल प्रॉपर्टी आईडी सिस्टम लागू
हरियाणा में डिजिटल प्रॉपर्टी आईडी सिस्टम लागू किया गया है. साथ ही बकाया प्रॉपर्टी टैक्स पर ब्याज माफी का लाभ भी दिया जा रहा है. अब प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री के लिए ऑनलाइन ‘नो ड्यूज सर्टिफिकेट’ लेना अनिवार्य कर दिया गया है.
पंजाब में यूनिफाइड बिल्डिंग रूल्स 2025 लागू कर दिए गए हैं, जिससे निर्माण से जुड़े नियम सख्त हुए हैं लेकिन कुछ प्रक्रियाएं सस्ती भी हुई हैं. वहीं चंडीगढ़ में कलेक्टर रेट में 10% से 33% तक की बढ़ोतरी के कारण प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो गया है.
कुल मिलाकर 1 अप्रैल से लागू ये नए नियम आम लोगों के लिए राहत और बोझ दोनों लेकर आए हैं. जहां डिजिटल सेवाओं से प्रक्रियाएं आसान हुई हैं, वहीं कई क्षेत्रों में खर्च बढ़ने से जेब पर असर पड़ना तय है.


