राजधानी देहरादून में जोहड़ी रोड पर हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे शासन-प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है. इस घटना में सुबह की सैर पर निकले सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की मौत हो गई, जिसके बाद राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरी नाराजगी जताते हुए साफ निर्देश दिए कि कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उनके आदेश पर कुठालगेट पुलिस चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अशोक कुमार और आबकारी उपनिरीक्षक सोबन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
बार का लाइसेंस निरस्त
इसके अलावा जिलाधिकारी सविन बंसल ने कुठालगेट स्थित जेन-जी बार का लाइसेंस भी निरस्त कर दिया है. प्रशासन ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका तय की जा रही है.
जांच में क्या-क्या सामने आया
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सोमवार तड़के एक बार में शराब पीने के दौरान आदित्य चौधरी और उसके साथियों का बार संचालक संदीप कुमार और कर्मचारियों के साथ विवाद हो गया था. विवाद बढ़ने पर बार स्टाफ ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की और उन्हें बाहर निकाल दिया. इतना ही नहीं, उनके वाहन को भी नुकसान पहुंचाया गया.
बताया जा रहा है कि इसी रंजिश के चलते सुबह करीब छह बजे जब बार संचालक और कर्मचारी फार्च्यूनर गाड़ी से कहीं जा रहे थे, तभी स्कॉर्पियो सवार युवकों ने उनका पीछा किया और जोहड़ी रोड पर गोलीबारी कर दी.
ब्रिगेडियर मुकेश जोशी को गोली लगी
इस दौरान वहां मॉर्निंग वॉक कर रहे तुलाज ग्रीन्स अपार्टमेंट निवासी सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी को गोली लग गई. गोली उनके सीने में लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया.
जानकारी के मुताबिक ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के पुत्र बुधवार को मॉरीशस से देहरादून पहुंचेंगे. इसके बाद उनका अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा.
आरोपियों की तलाश तेज
घटना के बाद पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है. शांतनु त्यागी, कविश त्यागी, वैभव और समीर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें हरिद्वार, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर में दबिश दे रही हैं. पुलिस के अनुसार ये सभी आरोपी दूसरे राज्यों के निवासी हैं और पढ़ाई के दौरान देहरादून में रह रहे थे.
इस घटना के बाद प्रशासन ने शहर में देर रात तक संचालित होने वाले बार, उनकी सुरक्षा व्यवस्था और लाइसेंस शर्तों की सख्ती से समीक्षा शुरू कर दी है. साथ ही अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है.
कुल मिलाकर इस घटना ने राजधानी की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिस पर सरकार अब सख्त कदम उठाती नजर आ रही है.


