जनपद में महिला सुरक्षा, बाल कल्याण और अपराधों की रोकथाम को लेकर कोतवाली कोटद्वार में एक महत्वपूर्ण समन्वय गोष्ठी आयोजित की गई. इस गोष्ठी की अध्यक्षता पुलिस उपाधीक्षक श्रीमती निहारिका सेमवाल ने की.
बैठक में पुलिस विभाग के साथ-साथ विभिन्न सरकारी विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. सभी ने मिलकर सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया.
गंभीर मुद्दों पर चर्चा
गोष्ठी के दौरान कई संवेदनशील और गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई. इनमें मानव तस्करी, अनैतिक देह व्यापार, महिलाओं और बच्चों के उत्पीड़न जैसे मुद्दे प्रमुख रहे.
इसके अलावा पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत मामलों की प्रभावी जांच, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति और बाल विवाह जैसी समस्याओं पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया. इन अपराधों को रोकने के लिए ठोस रणनीति बनाने पर बल दिया गया.
समन्वय और सूचना आदान-प्रदान पर जोर
बैठक में इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित सूचना आदान-प्रदान कैसे सुनिश्चित किया जाए. अधिकारियों ने माना कि समय पर जानकारी साझा होने से अपराधों की रोकथाम और जांच दोनों में तेजी लाई जा सकती है.
गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य महिला और बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा. अधिकारियों ने निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और पीड़ितों को तुरंत सहायता प्रदान की जाए.
मजबूत व्यवस्था की दिशा में कदम
इस समन्वय गोष्ठी को महिला और बाल सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. प्रशासन का मानना है कि विभागों के बीच बेहतर तालमेल और सक्रियता से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है.
आगे भी इस तरह की बैठकों के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जाएंगे.


