थाईलैंड घूमने का सपना देख रहे भारतीय पर्यटकों के लिए बड़ा झटका लगा है। थाईलैंड सरकार ने भारत के लिए 60 दिनों की वीजा-फ्री एंट्री सुविधा खत्म कर दी है। अब भारतीय नागरिकों को दोबारा ‘वीजा ऑन अराइवल’ (VoA) नियमों के तहत ही थाईलैंड में प्रवेश मिलेगा।
नए नियमों के मुताबिक अब भारतीय पर्यटक थाईलैंड में सिर्फ 15 दिनों तक ही रुक सकेंगे। इसके लिए एयरपोर्ट पर वीजा आवेदन के साथ फीस भी जमा करनी होगी।
19 मई से लागू हुए नए नियम
थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने बताया कि 19 मई को नए वीजा नियमों को मंजूरी दी गई। इसके तहत भारत को वीजा-फ्री देशों की सूची से हटाकर ‘वीजा ऑन अराइवल’ कैटेगरी में डाल दिया गया है। इस सूची में अब अजरबैजान, बेलारूस और सर्बिया जैसे देश भी शामिल हैं।
पहले भारतीय नागरिक बिना वीजा के 60 दिनों तक थाईलैंड में रह सकते थे, लेकिन अब उन्हें एयरपोर्ट पर ही वीजा लेना होगा।
अब देनी होगी करीब 6 हजार रुपये फीस
नई व्यवस्था के तहत भारतीय यात्रियों को थाईलैंड पहुंचने पर प्रति व्यक्ति 2,000 थाई बाट यानी करीब 6 हजार रुपये की फीस चुकानी होगी। इसके बाद ही उन्हें देश में प्रवेश मिलेगा।
क्यों सख्त हुए थाईलैंड के नियम?
कोविड-19 महामारी के बाद पर्यटन उद्योग को दोबारा पटरी पर लाने के लिए थाईलैंड ने नवंबर 2023 में भारत समेत कई देशों के लिए वीजा-फ्री एंट्री शुरू की थी। बाद में जुलाई 2024 में इसकी अवधि बढ़ाकर 60 दिन कर दी गई थी।
लेकिन अब थाईलैंड सरकार ने सुरक्षा और अवैध गतिविधियों को लेकर चिंता जताई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ विदेशी नागरिकों पर ड्रग्स, सेक्स ट्रैफिकिंग और बिना परमिट कारोबार चलाने जैसे गंभीर आरोप लगे थे।
थाईलैंड के पर्यटन एवं खेल मंत्री सुरसाक फानचारोनवोराकुल ने कहा कि कुछ लोगों ने इस ढील का गलत फायदा उठाया, जिसके बाद नियम सख्त करने का फैसला लिया गया।
किन देशों को मिलेगी वीजा छूट?
थाईलैंड अब केवल 54 देशों को 30 दिनों की वीजा छूट देगा। इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, जापान और कई यूरोपीय देश शामिल हैं।
इसके अलावा कुछ देशों को ‘रेसिप्रोकल वीजा छूट’ दी गई है, यानी दोनों देश एक-दूसरे के नागरिकों को बिना वीजा यात्रा की अनुमति देते हैं।
भारतीय यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा?
नई व्यवस्था लागू होने के बाद भारतीय यात्रियों को अब थाईलैंड यात्रा से पहले अतिरिक्त दस्तावेज, फीस और सीमित स्टे अवधि का ध्यान रखना होगा। खासतौर पर लंबे समय तक छुट्टियां बिताने या वर्केशन प्लान करने वालों के लिए यह बड़ा बदलाव माना जा रहा है।


