• Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
mintwire
  • होम
  • देश
  • राज्य
  • एजुकेशन
  • स्पोर्ट्स
  • उत्तराखंड
  • ब्लॉग
  • मौसम
  • Live Blog
No Result
View All Result
  • होम
  • देश
  • राज्य
  • एजुकेशन
  • स्पोर्ट्स
  • उत्तराखंड
  • ब्लॉग
  • मौसम
  • Live Blog
No Result
View All Result
mintwire
No Result
View All Result

रूस से तेल खरीदना भारत को पड़ सकता है भारी, ट्रंप लगा सकते हैं 100% टैरिफ

Mintwire by Mintwire
17/09/2026
in देश, वर्ल्ड
0
PM मोदी, उत्तराखंड दौरे की तैयारी (फाइल फोटो)

PM नरेंद्र मोदी, उत्तराखंड दौरे की तैयारी (फाइल फोटो)

एक्सर्प्ट: अमेरिका में पास हुए नए बिल से भारत पर 100 फीसदी तक टैरिफ का खतरा बढ़ गया है. हालांकि, फिलहाल भारत पर कोई नया 100 फीसदी टैरिफ नहीं लगा है. बिल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाने की शक्ति देता है.

रूस से तेल खरीदने पर भारत पर बढ़ा टैरिफ का खतरा

अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक रिश्तों को लेकर एक बार फिर तनाव बढ़ने की आशंका है. अमेरिकी कांग्रेस ने ऐसा बिल पास किया है, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से बड़ी मात्रा में तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने की ताकत देता है. भारत और चीन भी रूस के बड़े तेल खरीदारों में शामिल हैं.

हालांकि, अभी भारत पर 100 फीसदी टैरिफ नहीं लगाया गया है. बिल अब राष्ट्रपति ट्रंप के पास पहुंच गया है. अगर ट्रंप इस पर हस्ताक्षर करते हैं तो यह कानून बन जाएगा. इसके बाद भारत पर टैरिफ लगाना है या नहीं, इसका फैसला ट्रंप कर सकते हैं.

क्या है यह बिल?

इस बिल का नाम ‘Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026’ है. इसका मकसद रूस और ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है. बिल में रूसी अधिकारियों, बैंकों और ऊर्जा कारोबार पर प्रतिबंध लगाने के साथ रूस की ‘शैडो फ्लीट’ के खिलाफ कार्रवाई का भी प्रावधान है.

इसके अलावा रूस से बड़ी मात्रा में तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर भी आर्थिक दबाव बनाने का रास्ता खोला गया है. ऐसे देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने की शक्ति राष्ट्रपति को दी जा सकती है.

दोनों सदनों से पास हुआ बिल

अमेरिकी सीनेट में यह बिल 86-11 वोट से पास हुआ था. इसके बाद हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने भी इसे 262-159 वोट से मंजूरी दे दी. अब बिल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास है.

ट्रंप के हस्ताक्षर के बाद यह कानून बन सकता है. हालांकि, कानून बनने के बाद भी भारत पर 100 फीसदी टैरिफ अपने आप लागू नहीं होगा.

भारत पर सीधे नहीं लगेगा 100% टैरिफ

यह समझना जरूरी है कि बिल पास होने का मतलब भारत पर तुरंत 100 फीसदी टैरिफ लगना नहीं है. यह कानून राष्ट्रपति ट्रंप को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर सेकेंडरी टैरिफ लगाने की शक्ति देता है.

यानी अगर ट्रंप इस शक्ति का इस्तेमाल करते हैं, तभी भारत पर नया टैरिफ लगाया जा सकता है. कितना टैरिफ लगेगा और किन भारतीय सामानों पर इसका असर होगा, यह आगे अमेरिकी प्रशासन के फैसले पर निर्भर करेगा.

भारत और चीन का नाम क्यों आया?

भारत रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता है. रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत ने रूसी तेल की खरीद जारी रखी है. रूस से मिलने वाले कच्चे तेल की कीमत और उपलब्धता भारत की ऊर्जा खरीद रणनीति में महत्वपूर्ण रही है.

इसी वजह से रूस के बड़े ऊर्जा खरीदारों पर दबाव बनाने वाले इस अमेरिकी कानून का भारत पर सीधा असर पड़ सकता है. चीन भी रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीदता है, इसलिए वह भी इस कानून के दायरे में आ सकता है.

भारत पर क्या होगा असर?

अगर अमेरिका भारत पर भारी टैरिफ लगाता है तो भारत से अमेरिका जाने वाले सामान की कीमत बढ़ सकती है. इससे भारतीय निर्यातकों पर दबाव पड़ सकता है और दोनों देशों के बीच व्यापार प्रभावित हो सकता है.

दूसरी तरफ, अगर भारत रूस से तेल खरीद कम करता है और दूसरे देशों से ज्यादा कच्चा तेल खरीदता है तो उसकी ऊर्जा खरीद रणनीति बदल सकती है. इससे तेल की लागत और भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है.

भारत ने क्या कहा?

भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सरकार अमेरिकी कांग्रेस में बिल पास होने से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रख रही है. भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों और ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है.

भारत का कहना है कि वह अलग-अलग स्रोतों से ऊर्जा खरीद जारी रखेगा और वैश्विक बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए फैसले लेगा. भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह अपने व्यापार और आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा.

अमेरिका क्यों बढ़ा रहा दबाव?

अमेरिका का मकसद रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है. अमेरिकी सांसदों का मानना है कि रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर टैरिफ का दबाव बढ़ाने से वे रूस से अपनी ऊर्जा खरीद कम करने पर विचार कर सकते हैं.

इससे रूस की तेल से होने वाली कमाई पर असर पड़ सकता है और यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाया जा सकता है.

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल बिल राष्ट्रपति ट्रंप के हस्ताक्षर का इंतजार कर रहा है. अगर ट्रंप इस पर हस्ताक्षर करते हैं तो यह कानून बन जाएगा. इसके बाद भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लगाना है या नहीं, यह ट्रंप के फैसले पर निर्भर करेगा.

यानी अभी भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लगा नहीं है, लेकिन रूस से तेल खरीद जारी रखने की वजह से भारत पर अमेरिकी व्यापारिक दबाव बढ़ने का खतरा जरूर पैदा हो गया है.


Tags: india 100 tariffpm modirussia newstrump
Previous Post

‘रामायण’ में राम बने रणबीर कपूर ने प्रसाद लेने से किया मना, पुराने Video पर यूजर्स बोले- ऐसे निभाएंगे श्रीराम का रोल?

Recent Posts

  • रूस से तेल खरीदना भारत को पड़ सकता है भारी, ट्रंप लगा सकते हैं 100% टैरिफ 17/09/2026
  • ‘रामायण’ में राम बने रणबीर कपूर ने प्रसाद लेने से किया मना, पुराने Video पर यूजर्स बोले- ऐसे निभाएंगे श्रीराम का रोल? 17/09/2026
  • देशभर में बारिश का दौर, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवाएं भी चलेंगी 17/09/2026
  • PM मोदी के जन्मदिन पर बड़ा आयोजन, वडनगर-वाराणसी से निकलेंगी ‘सेवा संकल्प’ बाइक यात्राएं 16/09/2026
  • मक्का के पास ड्रोन हमले पर भारत चिंतित, सऊदी अरब की संप्रभुता पर हमलों की निंदा 16/09/2026
  • लखनऊ में भी हिट एंड रन, महिला को मारी टक्कर, कार से खदेड़ा 16/09/2026
  • शहनाज गिल की फ्लाइट में अटकी सांसें, तेज टर्बुलेंस से डरीं एक्ट्रेस; बोलीं- ‘आज बहुत मुश्किल से बचे’ 16/09/2026
  • ₹11 का प्रोडक्ट, ₹325 MRP! अस्पतालों में मेडिकल सामान की कीमतों पर तुकाराम मुंढे ने उठाए सवाल 16/09/2026
  • रैपिडो पर 10 लाख रुपये का जुर्माना, ज्यादा किराया देने के लिए दबाव बनाने का आरोप 16/09/2026
  • विदाई से पहले मानसून ने दिखाया तेवर! दिल्ली-UP_उत्तराखंड समेत इन राज्यों में बारिश का अलर्ट, जानें आज कैसा रहेगा मौसम 16/09/2026
mintwire
mintwire

Connact us on social media

  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy

© 2026 mintwire

No Result
View All Result
  • होम
  • देश
  • राज्य
  • एजुकेशन
  • स्पोर्ट्स
  • उत्तराखंड
  • ब्लॉग
  • मौसम
  • Live Blog

© 2026 mintwire