जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में रविवार को मूसलाधार बारिश के बाद फ्लैश फ्लड और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई. हादसों में अब तक कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लापता हैं. प्रशासन, पुलिस और राहत एजेंसियां संयुक्त रूप से बचाव अभियान चला रही हैं.
नदियां उफान पर, कई घर और वाहन बह गए
तेज बारिश के चलते दरहाली, खंडली, सुकतोह और जमोला समेत प्रमुख नदियां खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर बहने लगीं. राजौरी में निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया. नया बस स्टैंड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, कई वाहन बह गए और कई पानी में डूब गए. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया.
एक ही परिवार के चार लोग लापता
अधिकारियों के मुताबिक, मलबे से पांच शव बरामद किए गए हैं, जबकि संगला गांव में फ्लैश फ्लड में एक मकान बह जाने से अब्दुल हमीद, उनकी पत्नी शरीफा बेगम, बेटी अरीबा और बहन मनीरा बेगम लापता हैं. उनकी तलाश जारी है.
घर गिरने और डूबने से गई कई लोगों की जान
नूनाबंदी गांव में 28 वर्षीय नाजिया कौसर की मकान ढहने से मौत हो गई. संगलानी-सुरनकोट में 22 वर्षीय शहजैब अहमद की भी घर गिरने से जान चली गई. मरहोटे क्षेत्र में इरम नामक एक नाबालिग लड़की नाले में डूब गई. वहीं, धुंदक लाथूंग पुल के पास एक महिला का शव बरामद किया गया. पुंछ के हवेली तहसील में भी कई मकान ढहने से एक व्यक्ति की मौत और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया.
राहत-बचाव अभियान जारी
स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत दल प्रभावित इलाकों में लगातार बचाव अभियान चला रहे हैं. पुलिस कंट्रोल रूम को भी सक्रिय कर दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.
मुख्यमंत्री ने हालात पर रखी नजर
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वह रविवार सुबह से ही राजौरी और आसपास के इलाकों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने बताया कि वह स्थानीय विधायकों के संपर्क में हैं और लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा भी दिया.
23 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 23 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, नदी-नालों से दूर रहने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है.


