नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। लंबे समय से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की यह सबसे बड़ी मांग थी। इस्तीफे के बाद CJP ने कहा कि उनकी एक मांग पूरी हो चुकी है, लेकिन आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। संगठन ने अपनी शेष मांगों को दोहराते हुए कहा कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होंगी, विरोध जारी रहेगा।
CJP की 5 प्रमुख मांगें
CJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी अपडेटेड मांगों की सूची साझा की है—
- ✅ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा (पूरा हो चुका)
- नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा- पेंडिंग
- प्रदर्शन में शामिल किसी भी छात्र या प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न हो- पेंडिंग
- दिल्ली पुलिस और RAF सार्वजनिक रूप से माफी मांगें- पेंडिंग
- शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए- पेंडिंग
हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों के लिए जारी किया फॉर्म
CJP ने तीसरी मांग के तहत एक ऑनलाइन फॉर्म भी जारी किया है। संगठन ने अपील की है कि जिन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है या जिनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हुई है, वे फॉर्म भरकर संगठन से संपर्क करें, ताकि उनकी कानूनी सहायता की जा सके।
कैसे शुरू हुआ आंदोलन?
नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन शुरू हुआ था। आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। 28 जून से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल पर बैठे। 20 जुलाई को ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद आंदोलन ने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं।
24 जुलाई को CJP नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा व जितेंद्र सिंह के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन इस्तीफे के मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी। सरकार ने जवाब के लिए समय मांगा था। तीसरे दौर की बातचीत से पहले ही धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया।
इस्तीफा देते हुए क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान?
अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य किसी भी तरह की राजनीतिक या कानूनी अनिश्चितता का शिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र भेज दिया है।
जंतर-मंतर पर जश्न, लेकिन आंदोलन जारी
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों ने खुशी जताई। CJP नेताओं ने इसे छात्रों की जीत बताया। हालांकि संगठन ने साफ कहा कि आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है।
CJP नेता अभिजीत दिपके ने कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है, लेकिन अभी आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों पर कार्रवाई जैसे मुद्दे बाकी हैं। उनका कहना है कि जब तक सभी लंबित मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।


