दिल्ली मेट्रो की फेज-4 परियोजना के तहत बनने वाली गोल्डन लाइन (Aerocity-Tughlakabad Corridor) दक्षिण दिल्ली के रियल एस्टेट बाजार में बड़ा बदलाव ला सकती है। प्रॉपर्टी एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद कई इलाकों में घरों की कीमतों और किराए में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
गोल्डन लाइन एरोसिटी से तुगलकाबाद तक जाएगी और महिपालपुर, वसंत कुंज, किशनगढ़, छतरपुर, इग्नू, साकेत, खानपुर और अंबेडकर नगर जैसे इलाकों को जोड़ेगी। इस रूट पर कई प्रमुख मेट्रो इंटरचेंज भी होंगे, जिससे एयरपोर्ट, सेंट्रल दिल्ली और अन्य बिजनेस हब तक पहुंच आसान हो जाएगी।
किन इलाकों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
रियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार छतरपुर, नेब सराय, साकेत, वसंत कुंज और किशनगढ़ जैसे इलाकों को सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है। वहीं संगम विहार और तुगलकाबाद जैसे अपेक्षाकृत सस्ते क्षेत्रों में लंबे समय में बेहतर प्रतिशत ग्रोथ देखने को मिल सकती है।
कितनी बढ़ सकती हैं कीमतें?
विशेषज्ञों का अनुमान है कि मेट्रो स्टेशन से करीब एक किलोमीटर के दायरे में स्थित अच्छी लोकेशन वाली संपत्तियों की कीमतें अगले 2 से 3 वर्षों में 8 से 12 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं। वहीं किराए में 5 से 8 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि मेट्रो चालू होने के बाद चुनिंदा इलाकों में कुल मिलाकर 20 से 25 प्रतिशत तक मूल्य वृद्धि भी हो सकती है।
अभी क्या हैं प्रॉपर्टी के दाम?
- वसंत कुंज: ₹21,000 से ₹23,500 प्रति वर्ग फुट
- साकेत: ₹27,500 से ₹31,500 प्रति वर्ग फुट
- छतरपुर: ₹12,400 से ₹18,000 प्रति वर्ग फुट
किराए की बात करें तो साकेत में 2BHK फ्लैट का मासिक किराया लगभग ₹35,000 तक है, जबकि 3BHK फ्लैट का किराया ₹1 लाख तक पहुंच सकता है।
फरीदाबाद को भी मिल सकता है फायदा
हालांकि गोल्डन लाइन सीधे फरीदाबाद नहीं जाएगी, लेकिन तुगलकाबाद इंटरचेंज के जरिए सूरजकुंड, ग्रीन फील्ड्स और चार्मवुड विलेज जैसे इलाकों में भी रियल एस्टेट की मांग बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश से पहले केवल मेट्रो के भरोसे फैसला न लें। प्रॉपर्टी की कानूनी स्थिति, निर्माण गुणवत्ता, सड़क, पानी और पार्किंग जैसी सुविधाओं का भी ध्यान रखना जरूरी है।


