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No Insurance, No Fuel? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा पायलट प्रोजेक्ट, बिना इंश्योरेंस पेट्रोल-डीजल पर लग सकती है रोक

Mintwire by Mintwire
05/08/2026
in देश, राज्य
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देश में बिना वैध बीमा (इंश्योरेंस) के चल रहे वाहनों पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने केंद्र सरकार को ‘नो इंश्योरेंस, नो फ्यूल’ (No Insurance, No Fuel) पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने पर विचार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि अगर किसी वाहन का वैध बीमा नहीं है, तो उसे पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाना चाहिए।

56 फीसदी वाहन बिना इंश्योरेंस के चल रहे

जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने संसदीय समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि देश में करीब 30 करोड़ वाहनों में से 16.54 करोड़ (56%) के पास वैध बीमा नहीं है। अदालत ने इसे सड़क सुरक्षा और संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन के अधिकार) से जुड़ा गंभीर मामला बताया।

नई गाड़ियों के लिए बढ़ी थर्ड पार्टी इंश्योरेंस की अवधि

सुप्रीम कोर्ट ने नए वाहनों के लिए अनिवार्य थर्ड पार्टी इंश्योरेंस की अवधि भी बढ़ा दी है।

  • कारों के लिए: 3 साल से बढ़ाकर 4 साल
  • दोपहिया वाहनों के लिए: 5 साल से बढ़ाकर 6 साल

कोर्ट ने कहा कि यह फैसला सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर मुआवजा दिलाने और वाहन मालिकों को समय पर बीमा रिन्यू कराने के उद्देश्य से लिया गया है।

‘नो इंश्योरेंस, नो फ्यूल’ सिस्टम पर होगा पायलट

सुप्रीम कोर्ट ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और IRDAI को ऐसा पायलट सिस्टम तैयार करने को कहा है, जिसमें पेट्रोल पंप पर वाहन का इंश्योरेंस स्टेटस जांचा जा सके। अगर बीमा वैध नहीं होगा तो वाहन को ईंधन देने पर रोक लगाई जा सकती है।

ANPR कैमरे और VAHAN पोर्टल होंगे लिंक

कोर्ट ने निर्देश दिया कि हाईवे और प्रमुख सड़कों पर लगे Automatic Number Plate Recognition (ANPR) कैमरों को VAHAN पोर्टल और इंश्योरेंस डेटाबेस से जोड़ा जाए, ताकि बिना बीमा वाले वाहनों की पहचान आसानी से हो सके।

पुलिस मौके पर करेगी इंश्योरेंस की जांच

अदालत ने कहा कि पुलिसकर्मियों को ऐसे मोबाइल ऐप या डिवाइस उपलब्ध कराए जाएं, जिनकी मदद से वे मौके पर ही वाहन का बीमा जांच सकें और नियमों के उल्लंघन पर चालान जारी कर सकें।

मोटर इंश्योरेंस को बनाया जाएगा आसान

सुप्रीम कोर्ट ने मोटर इंश्योरेंस को चार हिस्सों में सरल बनाने का भी सुझाव दिया है—

  • अनिवार्य थर्ड पार्टी इंश्योरेंस
  • यात्रियों/पिलियन राइडर के लिए वैकल्पिक लीगल लाइबिलिटी कवर
  • मालिक, चालक और यात्रियों के लिए वैकल्पिक पर्सनल एक्सीडेंट कवर
  • वाहन के नुकसान के लिए वैकल्पिक कवर

अदालत ने बीमा कंपनियों को निर्देश दिया कि वे ग्राहकों को सरल भाषा में सभी विकल्पों की जानकारी दें।

18 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

यह मामला एक सड़क दुर्घटना में वाहन मालिक की मौत से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना हाई कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें मृतक के परिवार को 10,00,500 रुपये मुआवजा और 7.5 प्रतिशत ब्याज देने का आदेश दिया गया था। अदालत ने सभी संबंधित पक्षों से 14 अगस्त तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है, जबकि मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।

Tags: petrol dieselpetrol diesel insurancepetrol diesel insurance newspetrol diesel insurance news hindi
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