उत्तराखंड में चल रही नंदा देवी जात यात्रा-2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के लिए SDRF की टीमें दुर्गम यात्रा मार्गों पर लगातार तैनात हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच जवान श्रद्धालुओं के साथ मौजूद रहकर उन्हें सुरक्षित यात्रा में मदद कर रहे हैं।
सेनानायक के निर्देश पर अलग-अलग जगहों पर टीमें
सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी के निर्देशानुसार SDRF की विभिन्न टीमें यात्रा मार्ग के महत्वपूर्ण पड़ावों और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में तैनात की गई हैं। जवान वेदिनी बुग्याल, पाताल नचनियां, रूपकुंड, होमकुंड, लाता खोपड़ी और तातड़ा-सुतोल समेत कई स्थानों पर श्रद्धालुओं की सहायता कर रहे हैं।
कठिन रास्तों पर सुरक्षित मार्ग पार कराने में मदद
यात्रा के दौरान कई हिस्सों में पैदल मार्ग बेहद दुर्गम और चुनौतीपूर्ण हैं। ऐसे स्थानों पर SDRF जवान श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से रास्ता पार कराने में मदद कर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर यात्रियों को प्राथमिक उपचार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
ऊंचाई वाले इलाकों में कदम से कदम मिलाकर जवान
ऊंचाई वाले क्षेत्रों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में SDRF जवान श्रद्धालुओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं। उनका फोकस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाजनक आवाजाही सुनिश्चित करने पर है।
रेस्क्यू उपकरणों के साथ लगातार अलर्ट
यात्रा मार्ग पर SDRF की टीमें लगातार सतर्क हैं। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मदद उपलब्ध कराने के लिए जवान आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तैनात हैं। यात्रा के दौरान संभावित परिस्थितियों को देखते हुए टीमें लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता
SDRF के जवान कठिन मौसम और दुर्गम रास्तों के बीच श्रद्धालुओं की सहायता में जुटे हैं। यात्रा के दौरान किसी भी तरह की परेशानी या आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए टीमें तैयार रखी गई हैं।


